मुजफ्फरपुर (जेएनएन)। देश में हर कोई इंटरनेट का इस्तेमाल कर सके और इसके फायदे जान सकें, इस मकसद से कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालय तक डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम पर जोर दिया जा रहा। लोगों को फोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर इंटरनेट का इस्तेमाल करना सीखना अब सबके लिए जरूरी होगा।

सीसीडीसी डॉ. विजय कुमार ने कहा कि सभी कॉलेजों को इस सिलसिले में दिशा-निर्देश भेजा जा रहा। डिजिटल साक्षरता ने विकास को गति दी है। बिहार सरकार सात निश्चय के तहत कौशल विकास योजना लागू की है। इस योजना के तहत 15 से 25 वर्ष के युवा को बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा। राष्ट्रीय इलेट्रॉनिकी एवं सूचना ्रप्रोद्यौगिकी संस्थान भारत सरकार के माध्यम से कई स्वतंत्र कंप्यूटर संस्थान अनौपचारिक व औपचारिक कंप्यूटर कोर्स चलाना शुरू कर चुके हैं। अब सरकार के निर्देश से डिजिटल लिटरेसी व आइटी लिटरेसी प्रोग्राम उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाने पर जोर दिया जा रहा।

सबके लिए डिजिटल लिटरेसी कोर्स अनिवार्य

सीसीडीसी ने कहा कि आनेवाले समय में आवेदन करना, फॉर्म भरना, परीक्षा लेना, रिजल्ट जारी करना चालान काटना, रजिस्ट्रेशन करना, सर्टिफिकेट निकलवाना जैसे हर काम कम्प्यूटराइज्ड होता जा रहा। यहां तक की परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होनी हैं। लिहाजा, कर्मचारी-अधिकारी सबके लिए डिजिटल लिटरेसी कोर्स अनिवार्य होगा। इसका ज्ञान नहीं होने पर जॉब में परेशानी हो सकती। मसलन, तरक्की व प्रमोशन भी इसपर निर्भर होगा। इसके लिए छात्र व छात्राओं को पूर्ण रूप से डिजिटल साक्षरता पर निर्भर होना होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता के लिए अभिभावक द्वारा बच्चों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा

डिजिटल लिटरेसी का ये प्रोग्राम डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है। डिजिटल इंडिया के तहत बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, सब्सिडी समेत सभी सरकारी सेवाएं मोबाइल या कंप्यूटर केजरिए मुहैया कराया जाना है। इसका फायदा सब लोग उठा पाएं, इसके लिए सरकार सबको डिजिटल तौर पर साक्षर बनाने जा रही। इसके तहत इन्फॉर्मेशन व टेक्नोलॉजी मंत्रालय के निर्देश पर कर्मचारियों-अधिकारियों सबको मोबाइल फोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर इंटरनेट का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा। यह कोर्स सबके लिए अनिवार्य है, ताकि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के जरिए सभी अपनी जिंदगी आसान बना सकें।

Posted By: Jagran