समस्तीपुर, जासं। जिले में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए इमरजेंसी सेवा जल्द शुरू हो जाएगी। इस नई सेवा के लिए सिर्फ आपको 112 नंबर याद रखना होगा। इस नंबर पर डायल करते ही फायर बिग्रेड से लेकर पुलिस की सेवाएं तत्काल उपलब्ध होगी। किसी प्रकार की घटना, दुर्घटना आग या अन्य परिस्थतियों में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर पीडि़तों को सहायता देगी। इसके लिए इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (ईआरएसएस) बनाया गया है। पटना कंट्रोल से इसे आपरेट किया जाएगा।

महानगरों की तर्ज पर अब जिले में भी डायल 112 नंबर की वाहनें दौड़ती नजर आएगी। 24 घंटे जारी रहने वाली सेवा पूरी तरह से जीपीएस सिस्टम से युक्त होगी, जिससे फोनकर्ता का लोकेशन भी स्वत: कंट्रोल रूम को मिल जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से कुल 9 वाहनें उपलब्ध कराई गई है। वाहन के लिए सेना से सेवानिवृत 27 जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावे उक्त वाहन में एक दारोगा रैंक के पदाधिकारी, दो कांस्टेबल, एक महिला पुलिस की प्रतनियुक्ति की जाएगी। सातों दिन और 24 घंटे यह आपातकालीन सेवा चालू रहेगा। पुलिस अधीक्षक बताते हैं कि पुलिस केन्द्र में वाहनें पहुंच गई है। जल्द ही वाहनों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर दी जाएगी।

घटनास्थल पर इमरजेंसी सेवाओं में पुलिस डायल 112 नंबर की सेवाएं जल्द सक्रिय हो जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, फायर एंबुलेंस और ट्रैफिक किसी प्रकार की घटना, दुर्घटना या इमरजेंसी सेवाओं में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर पीडि़त को सहायता देगी। आपके कॉल के महज बीस मिनट बाद पुलिस संबंधित स्थल पर मौजूद रहेगी।

एक वाहन पर पांच जवानों की प्रतिनियुक्ति

पुलिस मुख्यालय से जिले में कुल 9 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें वाहन चालक समेत 27 सेना के सेवानिवृत जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके अलावे एक वाहन पर कुल पांच पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसमें एक दारोगा रैंक के पदाधिकारी, दो कांस्टेबल व एक महिला कांस्टेबल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। जिले के चारों अनुमंडल क्षेत्र में वाहनों को तैनात किया जाएगा। चूंकि, यह वाहन जीपीएस व आधुनिक उपकरणों से लैस होगा, इसलिए पटना कंट्रोल से इसे आपरेट किया जाएगा।

कॉल करने वालों का स्वत: मिलेगा लोकेशन

डायल 112 नंबर की बोलेरो आधुनिक उपकरणों से पूरी तरह लैस है। जीपीएस के माध्यम से फोन करने वाले का मोबाइल नंबर-लोकेशन खुद ही मिल जाएगा। सेवा के लिए वाहनों में मोबाइल डाटा टर्मिनल लगाया गया है। इसमें एक मॉनिटर रहेगा। इसमें तीन हिस्सों में जानकारी उपलब्ध होगी। पहले हिस्से में 112 डिस्प्ले होगा, जिसमें मैप व घटनास्थल का मार्ग दिखेगा। दूसरे भाग में कालर की डिटेल होगी और तीसरे भाग में फीडबैक अंकित होगा। एक्शन टेकेन रिपोर्ट भी वापस कंट्रोल सेंटर को वापस मिलेगी। यह सेवा 24 घंटे सातों दिन मिलेगी। कोई काल आते ही स्वत: कंप्यूटर में मामला दर्ज हो जाएगा। कालर का डिटेल, लोकेशन, स्वत: कंट्रोल रुम पर दिखेगा। यूनिट आइडी जेनरेट होगी। 112 डायल करने पर कंट्रोल रूम के कर्मी जरूरत के हिसाब से पुलिस, अस्पताल या फायर बिग्रेड को ट्रांसफर कर देंगे।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh