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बिजली बिल में गड़बड़ी, साइबर फ्राड या नकली सामान... मुजफ्फरपुर में अब उपभोक्ता परिषद लेगा संज्ञान

Published: Thu, 10 Sep 2026 04:46 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद का गठन किया गया है। यह परिषद ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

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HighLights

  1. जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद का मुजफ्फरपुर में गठन हुआ।

  2. डीएम कुमार गौरव परिषद के अध्यक्ष बनाए गए हैं।

  3. बिजली बिल, धोखाधड़ी, नकली सामान पर परिषद लेगी संज्ञान।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा अब जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद करेगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर जिले में पहली बार इसका गठन किया गया है, जो उपभोक्ताओं को मिले अधिकारों का संवर्धन व संरक्षण देने में आ रही कठिनाइयों का निदान करेगा।

डीएम कुमार गौरव इसके अध्यक्ष बने हैं और अन्य को सदस्य नामित किया गया है। अब नियमित रूप से प्रत्येक माह इसकी बैठक भी होगी। इस परिषद में दो समाजसेवियों को भी शामिल किया गया है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि यह एक सलाहकारी परिषद है, जो उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित छह प्रकार के अधिकारों को उन्हें दिलाने में सहयोग करेगा। उन्होंने सिविल सर्जन, माप तौल पदाधिकारी व जिला शिक्षा पदाधिकारी की भी जवाबदेही तय की है। इसके तहत स्कूलों व छात्रावासों में उपभोक्ता अधिकार को लेकर प्रचार प्रसार करने के साथ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

यह कार्य जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से किया जाएगा। सिविल सर्जन को खाद्य सामग्री व दवा दुकानों की जांच की जवाबदेही दी गई है। इसमें फूड इंस्पेक्टर को भी शामिल करने को कहा गया है।

वहीं माप तौल पदाधिकारी बाजार में सभी दुकानों पर जाकर तराजू की जांच करेंगे। इसकी रिपोर्ट परिषद को दी जाएगी। इससे उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को मजबूती मिलेगी।

उपभोक्ता भी शिकायत व समस्याओं से परिषद को अवगत करा सकते हैं। इसपर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला आपूर्ति विभाग से समन्वय बनाने को कहा गया है।

एक वर्ग के रूप में उपभोक्ताओं के अधिकार का होगा संरक्षण

डीएम ने परिषद को अवगत कराया कि इसके गठन का उद्देश्य एक वर्ग के रूप में उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण करना है। परिषद के सदस्य ने डीएम को डिजिटल पेमेंट में उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी, साइबर फ्राड, बीमा कंपनी द्वारा भुगतान में देरी, बिजली बिल में गड़बड़ी व अस्पताल में लापरवाही जैसी समस्याओं की जानकारी दी गई।

डीएम ने कहा कि इसके लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के प्रविधान किए जाने की बात कही। इसके अलावा बाजार में उपलब्ध नकली घी, पनीर, खाद-बीज व कीटनाशक दवाओं के मनमाने कीमत वसूलने जैसी समस्याओं की भी जानकारी दी। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने को कहा।

उपभोक्ताओं के लिए ये छह अधिकार किए गए निर्धारित

  • ऐसी वस्तु, उत्पाद या सेवाओं की मार्केटिंग के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान किए जाने का अधिकार है, जो जीवन ओर संपत्ति के लिए खतरनाक है।
  • वस्तु, उत्पाद या सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, शक्ति, शुद्धता, मानक व कीमत के विषय में सूचना पाने का अधिकार।
  • विभिन्न प्रकार के वस्तु, उत्पाद, सेवाओं के प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर उपलब्ध होने का आश्वासन प्राप्त होने का अधिकार।
  • अनुचित अथवा प्रतिबंधित व्यापार पद्धति या उपभोक्ताओं के अनैतिक दोहन के विरुद्ध राहत पाने का अधिकार।
  • उपभोक्ता जागरूकता का अधिकार।

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद का गठन किया गया है। यह सभी उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण करेगा। किसी प्रकार की समस्या और शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा होगी।
कुमार गौरव, जिलाधिकारी