मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बालिका गृह यौन हिंसा मामले में सेवा संकल्प व विकास समिति से जुड़े कई सदस्यों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर है। इसमें वामा शक्ति की प्रमुख रही साइस्ता परवीन उर्फ मधु व ब्रजेश ठाकुर का हिसाब-किताब देखने वाले रामाशंकर सिहं उर्फ मास्टर शामिल है। दोनों के इस संस्था से जुड़े होने की बात बताई जा रही है। ये दोनों इस मामले के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर के खास सहयोगी थे। दोनों की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है।

 ईडी को आशंका है कि ब्रजेश की आड़ में इन लोगों ने बड़ी संपत्ति अर्जित की या ब्रजेश ने इन सभी के नाम से फर्जी तरीके से अपनी संपत्ति जमा कर रखा हो। यह सत्यापित होने के बाद ईडी इन दोनों की संपत्ति जब्त कर सकती है। दोनों के बैंक खातों को खंगालने के अलावा आयकर विभाग से भी वित्तीय लेन -देन का ब्योरा जुटाया है। हालांकि ईडी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले आयकर विभाग ने सेवा संकल्प व विकास समिति के खिलाफ बकाया आयकर की गणना की है। इस राशि के भुगतान के लिए नोटिस भी भेजा है। 

ब्रजेश के बेहद करीब थे मास्टर व मधु

रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर ब्रजेश के काफीकरीबी थे। वह सेवा संकल्प से लेकर अन्य संस्थानों के वित्तीय मामले को देखता था। संस्थाओं के आय-व्यय से लेकर कर्मचारियों के वेतन भुगतान व बालिका गृह के खर्चों का लेखाजोखा भी उसी के पास रहता था। मास्टर व मधु बालिका गृह मामले में उन 20 आरोपितों में शामिल है, जिसके खिलाफ सीबीआइ आरोप पत्र दाखिल की थी। सभी आरोपितों के खिलाफ दिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट में सत्र-विचारण चल रहा है। अगले 14 जनवरी को साकेत के विशेष कोर्ट से इस मामले में फैसला आने की संभावना है। 

नोटिस के जवाब का इंतजार

सेवा संकल्प व विकास समिति के विरुद्ध 8.32 करोड़ आयकर बकाया भुगतान की नोटिस के जवाब का आयकर विभाग इंतजार कर रहा है। इसके लिए एक माह की मोहलत दी गई है। हालांकि इससे पहले ही उसके बैंक खाता को औपबंधिक तौर पर अटैच कर दिया गया है। 

Posted By: Murari Kumar

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