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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहले शराब के सेवन में गुजरता था दिन, अब कर रहे फर्नीचर का व्यवसाय, समस्तीपुर में दिलचस्प मामला

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 08 Feb 2022 02:13 PM (IST)

Samastipur news शराबबंदी के बाद विशनपुर पंचायत की रीता देवी के परिवार में आई खुशहाली जहां हुई थी जहरीली शराब ...और पढ़ें

शराब बेचने और पीने वालों पर हो रही कार्रवाई। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
शराब बेचने और पीने वालों पर हो रही कार्रवाई। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

समस्तीपुर, जासं। पति की शराब की लत और घर की माली हालत पहले से खराब थी। परिवार चलाना मुश्किल हो गया था। घर में कलह की स्थिति बनी रहती थी। बच्चों की परवरिश की चिंता थी। शराबबंदी के बाद स्थिति बदली। पति शराब छोड़ फर्नीचर का व्यवसाय कर रहे हैं। आज समस्तीपुर प्रखंड की विशनपुर पंचायत की रीता देवी का परिवार खुश है।

रीता बताती हैं कि शराबबंदी से पहले पति अक्सर शराब के नशे में घर आते थे। कुछ भी बोलने पर मारपीट की नौबत आ जाती थी। कमाई का अधिकतर हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे। घर का खर्च चलाने के लिए वर्ष 2014 में सिलाई करने लगी। वर्ष 2016 में ग्राम संगठन समूह से 10 हजार रुपये लोन लेकर राशन की दुकान की। साथ ही सिलाई का काम भी चलता रहा। इसी बीच सूबे में शराबबंदी कानून लागू हुआ। इसके चलते उनकी शराब की लत छूट सकी। कुछ माह बाहर रहे। फिर गांव में ही फर्नीचर का व्यवसाय किया। अब परिवार खुशहाल है।

ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा तो शराब से की तौबा 

शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र के संग्रामपुर और हथौड़ी क्षेत्र के बल्लीपुर गांव में बीते वर्ष नवंबर में जहरीली शराब के सेवन से हुई 12 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जागरूक ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। संग्रामपुर, रूपौली, हसनपुर सूरत, बल्लीपुर, अरैया समेत आसपास के गांवों में शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। इसका सकारात्मक बदलाव नजर आने लगा है। पियक्कड़ों ने शराब से तौबा कर ली है। पुलिस की सक्रियता से धंधेबाज पकड़े गए। शराबबंदी का फैसला कितना उचित है और शराब पीना कितना नुकसानदेह है, यह बात लोगों को समझाई गई। जिला प्रशासन भी जागरूकता रथ के माध्यम से शराब सेवन के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को बता रहा है।

शराब बेचना छोड़ कर रहे खेती

बल्लीपुर गांव में जहरीली शराब से मौत की घटना के बाद अब इसके सेवन से लोगों ने तौबा कर ली है। शराब व ताड़ी बेचने वाले लोग अब खेतीबाड़ी करना शुरू कर दिए हैं। सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।--मोहनकांत चौधरी, ग्रामीण, बल्लीपुर

शराबबंदी सफल बनाने में करें मदद

शराब का सेवन काफी नुकसानदेह है। इससे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान होता है। समाज में मान-प्रतिष्ठा कम होती है। सभी लोगों को मिलकर शराबबंदी को सफल बनाने में सरकार की सहायता करनी चाहिए -रामाशीष महतो, ग्रामीण, बल्लीपुर

ग्रामीण सचेत, पुलिस भी हुई सक्रिय

जहरीली शराब से हुई घटना के बाद ग्रामीण पूरी तरह सचेत हो गए हैं। पुलिस की सक्रियता से शराब के धंधे पर लगाम लग सकी है। नशे के आदी लोगों ने भी शराब पीना छोड़ दिया है। -रामपुकार चौधरी, ग्रामीण, बल्लीपुर

शराब सेवन की आदत छोड़ें

जहरीली शराब से हुई मौत की घटना काफी दुखद थी। कई परिवारों की खुशियां काल के गाल में समा गई थीं। लोगों को शराब सेवन की आदत पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए।--रामचंद्र पासवान, किराना दुकानदार, बल्लीपुर