मुजफ्फरपुर, जासं। Durga Puja 2022: जिले के सभी पूजा पंडालों में समुचित व्यवस्था करने का आदेश दिया है। सभी बीडीओ, सीओ, चिकित्सा प्रभारी तथा सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। एसडीओ पूर्वी ज्ञान प्रकाश द्वारा जारी आदेश में पंडाल की अधिकतम ऊंचाई 40 फीट तय की गई है। इसके अलावा पूजा पंडाल का निर्माण ऐसी जगह होगा जहां सड़क की चौड़ाई पर्याप्त हो। मूर्त विसर्जन को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

पूजा पांडालों के लिए जारी निर्देश

- पंडाल निर्माण ऐसे जगह हो जहां सड़क की चौड़ाई पर्याप्त हो तथा पंडाल की ऊंचाई 40 फीट से अधिक न हो।

-फायर बकेट एवं पर्याप्त पानी एवं बालू की व्यवस्था की जाए।

-बिजली की व्यवस्था इस तरह की जाए कि पांडाल में आग नहीं लगे।

-पंडाल में सीसी कैमरे लगाए जाएं।

-बैरिकेडिंग की व्यवस्था करते हुए प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग व्यवस्था हो।

-बड़े पंडालों के समीप नियंत्रण कक्ष स्थापित होंगे, जिसमें दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं चिकित्सा

पदाधिकारी अपने दल के साथ उपस्थित रहेंगे।

-भीड़ नियंत्रित करने हेतु लाउडस्पीकर की व्यवस्था करनी है।

आधा दर्जन स्थानों पर बने कृत्रिम तालाबों में होगा मूर्ति विसर्जन

मुजफ्फरपुर : इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन बूढ़ी गंडक की जगह निगम द्वारा तैयार किए जा रहे आधा कृत्रिम तालाबों में किया जाएगा। कृत्रिम तालाब का निर्माण नदी के पास ही अखाड़ाघाट, सीढ़ी घाट, आश्रमघाट, लकड़ीढाईघाट तथा जगन्नाथ मिश्रा कालेज के पास किया जा रहा है। निगम प्रशासक एवं उप विकास आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को चयनित स्थानों का दल-बल के साथ निरीक्षण किया और आवश्यक कदम उठाने को कहा। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त नंद किशोर चौधरी, उप नगर आयुक्त ओसामा इब्न मंसूर, नगर प्रबंधक विष्ण प्रभाकर लाल, सफाई प्रभारी अजय कुमार, कौशल किशोर आदि मौजूद रहे। बता दे कि सरकार ने मूर्ति विसर्जन अधिनियम 2021 के तहत बूढ़ी गंडक नदी में मूर्ति पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। दी में मुत्ति का रोक के बाद भी विसर्जन किया गया तो संबंधित पूजा समिति पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रतिमा में प्रदूषण वाली सामग्री का उपयोग भी अधिनियम के तहत वर्जित कर दिया गया है।

 

Edited By: Ajit kumar

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