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मुजफ्फरपुर । रिश्वत प्रकरण में नगर डीएसपी मुकुल कुमार रंजन ने आदर्श नगर थाना पहुंचकर मामले की जांच की। घटना के वक्त मौजूद थाने के दो पुलिस अफसरों व एक मुंशी का डीएसपी ने बयान लिया। डीएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट गोपनीय है। रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। बता दें कि दो दिन पूर्व नगर थाने में सनहा दर्ज कराने के लिए मुंशी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जिस पर जमादार व मुंशी भिड़ गए थे। सर्विस पिस्टल निकालने की नौबत आ गई थी। बीच बचाव से दोनों को अलग कर मामले को शांत कराया गया था। मामले में प्रथम दृष्टया मुंशी श्रीकांत को दोषी पाते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है।

डीएपी का जवान मुंशी के पद पर था तैनात : जांच में पता चला कि मुंशी के पद पर काम कर रहे श्रीकांत डीएपी (जिला सशस्त्र बल) का जवान है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, डीएपी के जवान को मुंशी का काम नहीं दिया जाता है। उनका काम बंदूक लेकर तैनात रहना है। किस परिस्थिति में मुंशी के रूप में तैनाती हुई यह जांच का विषय है। वैसे वे पहले भी अहियापुर थाने में मुंशी के पद पर तैनात रह चुके हैं। किसी मामले की शिकायत के बाद हटा दिया गया था।

जिले में मुंशी की भारी कमी : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले के थानों में मुंशी की भारी कमी है। मुंशी (थाना लेखन) का काम उन्हीं को दिया जाता है जो पीटीसी ट्रेनिंग कर आते हैं। लेकिन, कर्मियों की कमी की वजह से किसी तरह अन्य पुलिसकर्मियों से मुंशी का काम चलाया जा रहा है। कई थानों में एएसआइ रैंक के पदाधिकारी भी इस काम में लगे हैं।

Posted By: Jagran

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