मुजफ्फरपुर, जेएनएन। औराई में एक्सपायर्ड दवा की जांच करने पहुंचे सिविल सर्जन पर हुए हमले के खिलाफ चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। मंगलवार से सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में ओपीडी की सेवा मिलेगी। औराई पीएचसी के कर्मी व एएनएम ने वहां जाने से इन्कार करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय में योगदान की मांग पर अड़ी रहीं। इसके लिए सीएस ऑफिस पर प्रदर्शन भी किया।

 इधर पीएचसी प्रभारी डॉ.मधुकर प्रसाद की खोज हुई तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार तक का समय दिया गया। उसके बाद विभागीय कार्रवाई होगी। औराई के पूर्व प्रभारी रहे फिलहाल संविदा पर काम करने वाले डॉ.आरएन शर्मा को प्रभारी बनाया गया है। 

बिना इलाज लौटे पांच हजार मरीज 

 चौथे दिन भी ओपीडी नहीं चलने से सदर अस्पताल से करीब एक हजार मरीज वापस हुए। इस तरह पूरे जिले में करीब पांच हजार से अधिक मरीजों का इलाज नहीं हुआ। सदर अस्पताल में इलाज को लेकर मरीज भटकते रहे। बोचहां की सीमा कुमारी ने बताया कि उनके बच्चे की तबीयत दो दिनों से खराब है। उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। इस तरह की बात कई मरीजों ने कहीं।  

डीएम ने दिया भरोसा, हड़ताल वापस, मुख्य आरोपित की हो गिरफ्तारी 

 बिहार राज्य चिकित्सा सेवा संघ (भासा) की सदर अस्पताल में सोमवार को बैठक के बाद चार दिनों से ओपीडी सेवा बहिष्कार आंदोलन को तत्काल वापस लेने का निर्णय लिया गया। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष से मुलाकात की। चिकित्सकों ने कहा कि अब तक पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया है। पीएचसी प्रभारी डरे हुए हैं। कोई चिकित्सक वहां जाने को तैयार नहीं हंै। डीएम ने चिकित्सकों को बताया कि तीन गिरफ्तारी हुई हैं। शेष की भी गिरफ्तारी जल्द होगी।

 जिलाधिकारी से बातचीत के बाद संघ ने अपना आंदोलन वापस लिया। तय हुआ कि शनिवार को अगली समीक्षा बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में बिहार चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. यूपी चौधरी, सचिव डॉ. सीके दास, सीएस डॉ. एसपी सिंह, एसीएमओ डॉ. हरेंद्र आलोक, डॉ. एसके पांडेय, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. एनके चौधरी, डॉ.सतीश कुमार समेत काफी संख्या में चिकित्सक मौजूद थे। 

एलोपैथ चिकित्सक का टोटा, आयुष चिकित्सक से औराई में सेवा 

औराई पीएचसी में एलोपैथ चिकित्सक की कमी होने से वहां पर मंगलवार से आयुष चिकित्सक ओपीडी की कमान संभालेंगे। सीएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पहले से ही इस पीएचसी में मात्र दो चिकित्सक हैं। 24 घंटे इमरजेंसी व ओपीडी के लिए सीएस ने एसकेएमसीएच अधीक्षक से पांच चिकित्सक देने को कहा है। अधीक्षक से प्रतिनियुक्ति की मांग की है। हाल यह है कि 30 अक्टूबर की घटना के बाद से पीएचसी प्रभारी के लिए भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। इधर सिविल सर्जन ने एसएसपी को मुख्य आरोपित अखिलेश यादव पर एफआइआर के अनुसार कार्रवाई करने केलिए पत्र लिखा है। 

30 अक्टूबर से चल रही थी हड़ताल 

 औराई में एक्सपायर्ड दवा की जांच को पहुंचे सिविल सर्जन समेत अन्य कर्मियों पर हुए हमले के खिलाफ चिकित्सक 30 अक्टूबर से हड़ताल पर थे। केवल इमरजेंसी सेवा चल रही थी। ओपीडी सेवा बाधित रही। 

औराई जाने से किया इन्कार, प्रदर्शन 

बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला मंत्री कुमारी शोभा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सदर अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। इस दौरान कई ट्रेड यूनियन के नेता शामिल हुए। कुमारी शोभा ने बताया कि जब तक मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होगी वहां पर कर्मचारी काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से सिविल सर्जन कार्यालय में योगदान के लिए आवेदन दिया।

 मंत्री ने मांग किया कि चिकित्सक व कर्मचारियों को सुरक्षा दी जाए। सिविल सर्जन को जिला में कहीं भ्रमण करने के लिए एस्कॉर्ट पुलिस बल की सुविधा दी जाए। प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन नेता शंभूशरण ठाकुर, महासंघ अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, रेणु कुमारी, सुबोध ओझा, गुणानंद चौधरी आदि थे। 

  इस बारे में सिविल सर्जन डॉ.एसपी सिंह ने कहा कि पांच चिकित्सक व आठ एएनएम को तत्काल सेवा देने के लिए औराई भेजा गया है। दो एंबुलेंस की सेवा मिलेगी। वहां के प्रभारी डॉ.मधुकर प्रसाद का मोबाइल स्विच ऑफ था इसलिए तत्काल डॉ.आरएन शर्मा को प्रभारी बनाया गया है। मंगलवार तक प्रभारी योगदान नहीं देंगे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। कल समीक्षा होगी उसके बाद अगली कार्रवाई होगी। 

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