मुजफ्फरपुर, जेएनएन। डेंगू (Dengue) का प्रकोप अब जिले के साथ आस-पास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। इसकी चपेट में डॉक्टर व मेडिकल छात्र (Medical Students) भी आने लगे हैं। गुरुवार को एक डॉक्टर (Doctor) में डेंगू की पुष्टि हुई, जबकि एसकेएमसीएच (SKMCH) के दो मेडिकल छात्रों में भी इससे मिलता लक्षण (Symptoms) पाया गया है। एसकेएमसीएच में गुरुवार को अहियापुर के अभय कुमार (17), लक्ष्मण साह (40), अर्जुन कुमार (30), मनीष कुमार (23) एवं बबन साह (60) समेत मीनापुर व बोचहां से डेंगू के 13 संदिग्ध मरीज (Suspected patient) इलाज के लिए पहुंचे। इसमें चार को भर्ती किया गया।

 वहीं, माइक्रोबायोलॉजी विभाग (Microbiology Department) से मिली जानकारी के अनुसार, जांच में छह नए मरीज की पुष्टि हुई है। इससे डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 186 पर पहुंच गई है। यह रिपोर्ट मंगलवार की है। जबकि बुधवार को दो दर्जन से अधिक संदिग्ध मरीजों से लिए गए ब्लड सैंपल को जांच के लिए आरएमआरआइ, पटना भेजा गया है। क्योंकि वायरोलॉजी लैब में जांच के लिए कीट अनुपलब्ध था। हालांकि गुरुवार की देर शाम कीट की आपूर्ति होने की बात कही गई। 

इन मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि

एसकेएमसीएच के वायरोलॉजी विभाग में जांच रिपोर्ट के तहत डॉ. राज लक्ष्मी, पुरानी बाजार के अंजली कुमारी, गोबरसही के अनिल कुमार, पारु चिंतावनपुर के गजेंद्र कुमार, मुशहरी रोहुआ के सुमन देवी के साथ डॉक्टर कालोनी के नीरज कुमार में डेंगू की पुष्टि जांच रिपोर्ट से हुई है। मालूम हो कि एसकेएमसीएच के साथ ही निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज निरंतर पहुंच रहे हैं। जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ.सतीश कुमार ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए लगातार फॉगिंग की जा रही है। इन मरीजों की जांच व इलाज की मुफ्त व्यवस्था उपलब्ध है।

डेंगू के लक्षण, कैसे होता है

एसकेएमसीएच के औषधि विभाग के डॉ. अकील अहमद मुमताज बताते हैं कि तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द होना, ठंड लगना, थकान महसूस होना,भूख नहीं लगना, उल्टी होना या जी मिचलाना, शरीर पर चकत्ता या लाल-लाल धब्बा होना डेंगू के प्रारंभिक लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में शरीर से रक्तस्राव भी होता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। डेंगू एडिज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने के पांच से छह दिन में डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं।

साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर

एसकेएमसीएच के मेडिसीन विभाग के डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए कूलर, छत या परिसर में रखे गए गमले में जमा पानी को नियमित तौर पर बदलते रहें। पूरे शरीर को कपड़े से ढंके रहें। पैरों में मोजे पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें। घर, दफ्तर के आसपास पानी का जमाव नहीं होने दें।

अब सदर अस्पताल में भी डेंगू का इलाज

शहर में डेंगू के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब सदर अस्पताल में भी इसके इलाज की व्यवस्था की गई है। डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए गुरुवार को कैदी वार्ड के बगल में छह सीट वाले डेंगू वार्ड की शुरुआत की गई। सिविल सर्जन डा. शैलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यहां आने वाले मरीजों के इलाज की सभी सुविधाएं दी जाएगी। 

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