मुजफ्फरपुर : राज्य के कई जिलों से नल का जल योजना की रिपोर्ट गलत भेज दी गई थी। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद अपूर्ण योजनाओं को पूरा करने के लिए समीक्षा बैठक की जा रही है। 31 जनवरी तक अपूर्ण योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, लोगों को यह भी बताना है कि नल के जल का इस्तेमाल सिर्फ पीने के लिए करें। इसके लिए गांव-गांव में चौपाल का आयोजन किया जाएगा। ये बातें पीएचईडी मंत्री डॉ. रामप्रीत पासवान ने परिसदन में नल का जल योजना की समीक्षा बैठक के बाद कहीं। मंत्री ने कहा, विभाग को राज्य के 5600 वार्ड में सात निश्चय की इस महत्वपूर्ण योजना पर काम करना है। लोगों को शुद्ध पेयजल देना विभाग की प्राथमिकता है। राज्य में जो आर्सेनिक प्रभावित जिले हैं वहां शुद्ध पेजयल आपूर्ति के लिए आर्सेनिक ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। अभी 17 जिले आर्सेनिक प्रभावित हैं।

मंत्री ने यह भी कहा, देखा जा रहा कि गांव के लोग पानी का इस्तेमाल अन्य काम में भी करने लगे हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए चौपाल का आयोजन किया जाएगा। सुबह, दोपहर व शाम दो-दो घंटे जल की आपूर्ति की जाएगी। योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर मंत्री ने कहा, जांच कराई जा रही है। जहां भी गड़बड़ी या घपला हुआ होगा वहां कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

समीक्षा बैठक में राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार और कानून मंत्री रामसूरत राय, विधायक मुसाफिर पासवान, डीएम प्रणव कुमार, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता डेविड कुमार चतुर्वेदी आदि मौजूद थे। जिले में विभाग की 765

में से 724 योजनाएं पूर्ण

जिले के पदाधिकारियों के साथ भी पीएचईडी मंत्री ने समीक्षा बैठक की। बताया गया कि 765 में से 724 योजनाएं पूर्ण हो गई हैं। शेष योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण व समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खराब चापाकल की मरम्मत शिकायत के 48 घंटे में करने का निर्देश भी दिया। सभी कनीय अभियंताओं का मोबाइल नंबर भी प्रचारित करने को कहा गया।