मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए और धैर्य रखना होगा। इसमें और विलंब होने की संभावना है। परीक्षा के मुद्दे पर राजभवन की ओर से बैठक बुलाने की सूचना पर विद्यार्थियों की आस जगी थी, लेकिन कोरोना की परिस्थिति ने बैठक से पहले ही खलल डालकर विद्यार्थियों की परेशानी और बढ़ा दी। डिस्टेंस मोड में पांच वर्ष से परीक्षाएं लंबित हैं।

बीएड के विद्यार्थियों को परेशानी

विद्यार्थी अधिकारियों से शिकायत कर चुके पर इस ओर कोई पहल नहीं की गई। इसमें स्नातक, पीजी, बीएड, प्रोफेशनल व वोकेशनल कोर्स के छात्र हैं। बताया जा रहा है कि सबसे अधिक परेशानी बीएड के विद्यार्थियों को हो रही है। इनकी संख्या करीब 40 हजार है। परीक्षा नहीं होने के कारण तर्क दिया जा रहा है कि कोर्स को जूरी न होने के कारण यह समस्या हुई है। ऐसे में अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठ रहे हैं कि जिस कोर्स की मान्यता ही नहीं थी तो विद्याॢथयों का इसमें नामांकन क्यों लिया गया।

ट्रांजिट रेगुलेशन

इसी को लेकर विवि की ओर से डीडीई के तमाम कोर्स की परीक्षाओं के लिए ट्रांजिट रेगुलेशन तैयार कर विवि के तमाम निकायों से पास कराया गया। ताकि अबतक एडमिशन लिये छात्रों की परीक्षा हो सके। विवि अधिकारी ने बताया कि कोर्सों का ट्रांजिट रेगुलेशन पास करने के बाद पिछले महीने राजभवन से इजाजत के लिए भेजा गया। इसपर मार्च के तीसरे सप्ताह में राजभवन में बैठक होनी थी। 

Posted By: Ajit Kumar

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