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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना के वेरिफिकेशन में आ रही दिक्कत, इन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ

By Babul DeepEdited By: Rajat Mourya
Published: Wed, 25 Jun 2025 08:19 PM (IST)Updated: Wed, 25 Jun 2025 08:26 PM (IST)

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का सर्वे पूरा होने के बाद, सत्यापन में 'परिवार' की परिभाषा को लेकर कठिनाई आ रही ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सर्वे (PM Awas Yojana Survey 2025) का काम पूर्ण हो चुका है। अब जिला और मुख्यालय स्तर पर सर्वे सूची में शामिल नाम का सत्यापन किया जा रहा है, लेकिन इसमें परिवार शब्द की परिभाषा स्पष्ट नहीं होने के कारण सत्यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने सभी जिलों को पत्र भेजकर परिवार शब्द की परिभाषा को स्पष्ट किया है। साथ ही नौ बिंदुओं से अवगत कराया है, जिसके आधार पर अपात्रता का मापदंड निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्यभर में आवास प्लस ऐप 2024 के माध्यम से एक करोड़ चार लाख 90 हजार 743 परिवारों का नाम सर्वे कर सूची में जोड़ा गया है, लेकिन इसमें वैसे भी कई नाम शामिल हैं जो मानक के विपरित हैं। इसे देखते हुए सत्यापन को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है, ताकि जो योग्य परिवार हो उन्हीं को योजना का लाभ मिले।

बताया गया कि पीएम आवास योजना ग्रामीण में परिवार से आशय है पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे अथवा अविवाहित व्यस्क जिनके माता-पिता जीवित नहीं हो उन्हें ही योजना के प्रयोजनार्थ एकल परिवार माना जाएगा, जबकि सर्वे सूची में विवाहित माता-पिता और उनके विवाहित बच्चों का नाम भी जुड़ा है। इन्हें अयोग्य करार दिया जाना है।

इसके अलावा, कई ऐसे भी परिवार हैं, जिन्होंने पक्का मकान होने के बावजूद भी सेल्फ सर्वे का नाम सूची में जोड़वाया है। मानक के विपरित पाए जाने वाले सभी लोगों का नाम सूची से हटाने को कहा है।

जिले में चार लाख 43 हजार लोगों का हुआ था सर्वे:

जिले में पीएम आवास योजना के तहत विभिन्न प्रखंडों में चार लाख 43 हजार 519 परिवारों का सर्वे कर सूची में नाम शामिल किया गया था। इसमें सेल्फ सर्वे कर 65 हजार से अधिक लोगों ने अपना नाम सूची में जोड़वाया था। सबसे अधिक पारू में 44 हजार 958 और सबसे कम मुरौल प्रखंड में 7653 परिवारों का नाम जुड़ा है।

इन परिवारों को माना जाएगा अयोग्य:

  • वैसे परिवार जिनका पक्का आवास हो।
  • मोटरयुक्त तिनपहिया और चारपहिया वाहन।
  • मशीनी तिनपहिया और चारपहिया कृषि उपकरण।
  • 50 हजार रुपये अथवा इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड।
  • वैसे परिवार जिनका काेई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो।
  • सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवार।
  • वैसे परिवार जिनका कोई सदस्य 15 हजार रुपये से अधिक महीने में कमाई कर रहा हो।
  • आयकर देने वाला और व्यवसाय कर देने वाला परिवार।
  • वैसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो।
  • पांच एकड़ या इससे अधिक असिंचित भूमि।