मोतिहारी [सत्येंद्र कुमार झा]। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी तादाद में बच्चे स्कूल से दूर हैं। ऐसे बच्चों को पढ़ाने और स्कूल से जोडऩे का काम कर रहीं हैं पूर्वी चंपारण के चिरैया प्रखंड अंतर्गत लालबेगिया गांव की बीसीए थर्ड पार्ट की छात्रा अभिलाषा। ये प्रतिदिन सुबह-शाम, दो-दो घंटे गांव के बच्चों को पढ़ाती हैं। उन्हें नैतिक शिक्षा भी देती हैं। पिछले चार वर्षों से इसमें लगी हैं। बच्चों व अभिभावकों को प्रेरित कर स्कूल से जोडऩे का भी काम करती हैं। दो सौ से अधिक बच्चों को ये स्कूल से जोडऩे में कामयाब रही हैं। 

 अभिलाषा बताती हैं कि स्कूल नहीं जाकर खेतों में काम करने, मवेशी चराने वाले बच्चों को देखकर उनके मन में इन्हें शिक्षा से जोडऩे का विचार आया और छोटे स्तर पर उन्हें पढ़ाने का काम प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में इनकी बात को कोई अहमियत नहीं देता था, लेकिन इन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा। खुद की पढ़ाई के साथ घर पर ही बच्चों को पढ़ाती रहीं। अभिभावकों से आग्रह किया कि वे दो घंटे के लिए ही अपने बच्चों को भेजें। कुछ ही दिनों में इसका सकारात्मक असर दिखने के बाद बच्चों की संख्या बढ़ती गई। 

लालबेगिया निवासी प्रकाश पंडित, मदन सहनी, लालबाबू साह ने कहा कि बच्चों को बेहतर राह दिखाने में गांव की इस बेटी की अहम भूमिका है। यहां पढऩे वालों में सुंदरी, मिथिलेश, अखिलेश, लालसा, प्रियांशु, मुस्कान ने कहा कि पढऩा अच्छा लगने लगा है। हम स्कूल भी जाते हैं और यहां भी पढ़ रहे हैं। 

फिलहाल, 40 बच्चे अध्ययन के लिए  नियमित आ रहे हैं। स्नातक में पढ़ रहीं इनकी छोटी बहन निशा भारती पढ़ाने में सहयोग करती हैं। वहीं, ख्वाब फाउंडेशन के संस्थापक मुन्ना कुमार सहित कुछ शिक्षाविदों को बुलाकर मार्गदर्शन दिलाने का प्रयास भी ये करती हैं। बच्चों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन कर उन्हें सम्मानित व प्रोत्साहित भी किया जाता है। 

 इस बारे में सर्वशिक्षा अभियान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने कहा कि 'वंचित बच्चों को स्कूल से जोडऩे का अभिलाषा का प्रयास सराहनीय है। अभिभावकों को इसके लिए प्रेरित करते हुए जिस प्रकार ये बच्चों को पढ़ा रही हैं, इससे समाज को नई दिशा मिलेगी।'

Posted By: Murari Kumar

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