मुजफ्फरपुर : वार्ड 46 के पार्षद नंद कुमार प्रसाद साह को धमकी देने की घटना की वार्ड पार्षदों ने निदा की है। साथ ही दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी करने एवं सजा देने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रविवार को वार्ड तीन के पार्षद एवं महापौर पद के प्रबल दावेदार राकेश कुमार ने आधा दर्जन पार्षदों के साथ संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि नंदू बाबू हम सबके अभिभावक हैं। उनको कोई धमकी दे कोई भी वार्ड पार्षद बर्दाश्त नहीं करेगा। सबसे बड़ी बात तो यह की अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आडिटोरियम के बाहर एवं भीतर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती थी। एएसपी से लेकर एसडीओ पूर्वी तक मौजूद थे। इसके बावजूद कोई उनको धमकी देकर चला गया यह जिला एवं पुलिस प्रशासन के लिए शर्मनाक है। परेशानी यह है कि नंदू बाबू ने तुरंत इसकी शिकायत न कर एक दिन बार मीडिया के सामने की। उनको चाहिए था कि वह तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराए ताकि इसकी जांच हो सके। राकेश कुमार ने कहा कि निगम एक परिवार है। सभी पार्षद इस परिवार के सदस्य हैं। परिवार के किसी सदस्य पर संकट आएगा तो हम सभी पार्षद सभी भेदभाव को भूलकर लड़ाई लड़ेंगे। संवाददाता सम्मेलन में वार्ड 10 के पार्षद अभिमन्यु चौहान, 14 के पार्षद रतन शर्मा, वार्ड 25 के पार्षद संतोष महाराज, वार्ड की पार्षद सुषमा कुमारी के प्रतिनिधि संतोष कुमार मौजूद रहे। इधर, वार्ड 13 की पार्षद सुनीता भारती ने बयान जारी कर कहा कि नंदू बाबू के साथ घटी घटना की जांच होनी चाहिए। बताते चलें कि नंद कुमार साह ने महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद मीडिया के सामने कहा था कि उपमहापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद लौटते समय आडिटोरियम के बाहर एक व्यक्ति द्वारा धमकी दी गई।

घटना बर्दाश्त के लायक नहीं : उपमहापौर

उपमहापौर मानमर्दन शुक्ला ने नंदू बाबू के साथ हुई घटना की निदा की है। उन्होंने नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने एवं घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा है ताकि दोषियों पहचान कर जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना बर्दाश्त करने लायक नहीं है। सीसीटीवी कैमरे से हो धमकी देने वाले की पहचान : विधायक

नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने कहा है कि नंदू बाबू को धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। आसपास लगे सीसीटीवी से धमकी देने वाले की पहचान की जानी चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जिला एवं पुलिस प्रशासन इसे गंभीरता से ले और अपराधियों की पहचान कर सजा दिलाए।

Edited By: Jagran