मधुबनी, जासं। बेनीपट्टी के अविनाश हत्याकांड को लेकर लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के दो सप्ताह बाद भी पुलिस मामले से पर्दा नहीं उठा सकी है। मृतक के स्वजनों व स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं को संरक्षण मिल रहा है। यही वजह है कि प्राथमिकी में एक दर्जन नर्सिंग होम का नाम देने के बाद भी एक भी नर्सिंग होम के विरूद्ध अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। सर्वदलीय संघर्ष समिति, बेनीपट्टी के तत्वावधान में सात सदस्यी शिष्टमंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इसके माध्यम से समिति ने बेनीपट्टी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता व पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश हत्याकांड की न्यायाधीश की देखरेख में उच्चस्तरीय जांच या सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है।

सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार मिश्र, भाकपा के जिला मंत्री मिथिलेश झा, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष कौशल किशोर चौधरी, प्रो. मीनू पाठक, प्रो. भवानंद झा, नलनी रंजन झा, आशीष झा सहित सात सदस्यी शिष्टमंडल ने डीएम से मिलकर इस बाबत ज्ञापन सौंप कर बेनीपट्टी के सभी फर्जी नर्सिंग होम को बंद करने, संचालक पर कठोर कार्रवाई करने, प्रमाण पत्र निर्गतकर्ता व पदाधिकारियों पर कार्रवाई, मृतक के स्वजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, अनुसंधान से पहले मृतक के चरित्र पर कथित हमला करने वाले मधुबनी एसपी पर कार्रवाई, बेनीपट्टी थाना चौक के निकट अविनाश की प्रतिमा स्थापित करने, अपराध पर रोक तथा पत्रकार सहित आम जन की जानमाल की सुरक्षा की गारंटी की मांग की है। शिष्टमंडल ने बताया कि अविनाश हत्याकांड में प्रशासन ने ७२ घंटे का समय लिया था, लेकिन कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। हत्याकांड के १४ दिन बीत जाने के बाद भी अविनाश हत्याकांड के मास्टर माइंड व साजिश रचने वालों की गिरफ्तारी अब तक नहीं होने से लोगों में रोष व्याप्त है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh