मुजफ्फरपुर। स्नातकोत्तर (पीजी) 2014-16 के वैसे छात्रों की परीक्षा लेने का फैसला हो गया है, जो फ‌र्स्ट सेमेस्टर दो चांस में फाइनल नहीं कर पाए थे। विद्यार्थियों की मांग पर उनकी स्पेशल परीक्षा के लिए राजभवन को लिखा गया था। हालांकि, अभी तक अप्रूवल नहीं मिल पाया है, लेकिन परीक्षा बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में इसपर फैसला ले लिया गया।

परीक्षा नियंत्रक डॉ.ओपी रमण ने ये जानकारी देते हुए बताया कि अंडरटेकिंग लेकर 2014-16 सत्र के पीजी फोर्थ सेमेस्टर के उन विद्यार्थियों का फॉर्म भरा देना है। इसके लिए जल्द ही अलग से आदेश जारी होगा। पीजी फोर्थ सेमेस्टर के लिए घोषित कार्यक्रमों के अनुसार इनका भी फॉर्म भरा जाएगा, लेकिन उससे पहले प्रोसिडिंग अप्रूवल के लिए राजभवन जाएगा। उनकी परीक्षा के लिए अलग से जल्द ही आदेश जारी होगा। परीक्षा बोर्ड के अध्यक्ष की हैसियत से कुलपति डॉ.अमरेंद्र नारायण यादव भी इस बैठक में मौजूद थे। उनके साथ प्रतिकुलपति डॉ. आरके मंडल, रजिस्ट्रार डॉ. विवेकानंद शुक्ला व परीक्षा नियंत्रक डॉ.ओपी रमण, डीन ह्यूमेनिटीज सदानंद प्रसाद सिंह, डीन कॉमर्स डॉ. प्रेमानंद सिंह, डीन साइंस डॉ. पीके शरण मौजूद थे।

परीक्षा देकर भी रद हो सकता है परीक्षाफल

परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि रेगुलेशन के मुताबिक दो बार में फ‌र्स्ट सेमेस्टर फाइनल नहीं करनेवाले विद्यार्थियों को फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा नहीं देने का प्रावधान था। इस हिसाब से वैसे विद्यार्थियों का वह साल खत्म हो जाता है, फिर पीछे से चलना पड़ेगा। इस चक्कर में करीब छह सौ विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ था। विद्यार्थी तकनीकी कारणों का हवाला देकर विवि प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर रहे थे। स्पेशल परीक्षा लेने के लिए छात्र अर्से से आंदोलन पर उतारू थे। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि उनके आंदोलन के कारण परीक्षा बोर्ड से पास कराकर स्पेशल परीक्षा के लिए प्रस्ताव राजभवन को भेजा गया था। परीक्षा बोर्ड में तय हुआ है कि अंडरटेकिंग लेकर उनका फोर्थ सेमेस्टर का फॉर्म भरवा दिया जाए। उन्हें यह अंडरटेकिंग देना है कि अगर राजभवन से फ‌र्स्ट सेमेस्टर की स्पेशल परीक्षा का आदेश नहीं आता है या आने पर भी उसमें पास नहीं करते हैं तो उनका फोर्थ सेमेस्टर का परीक्षाफल रद समझा जाएगा।

कंप्यूटर एप्लीकेशन में कंवर्ट कराकर जमा होगी थीसिस

एमसीएआइटी से पीएचडी के लिए रजिस्टर्ड छात्रों को कंप्यूटर एप्लीकेशन में कंवर्ट कराकर उनकी थीसिस जमा कराई जाएगी। क्योंकि, इस विवि में आइटी डिपार्टमेंट नहीं है। विवि अब मानता है कि आइटी में ऐसे छात्रों का रजिस्ट्रेशन गलती से हो गया था। इसलिए संशोधन करके ऐसा किया गया है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि निर्णय हुआ है कि वैसे छात्रों को 30 जून तक थीसिस जमा करने की अनुमति दी जाएगी। अब कंप्यूटर एप्लीकेशन में एमसीएआइटी की जगह कंप्यूटर एप्लीकेशन में उनकी थीसिस कंवर्ट कराकर जमा कराई जाएगी।

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