मुजफ्फरपुर : मुशहरी प्रखंड के मनिका मन में वाटर ट्रीटमेंट प्लाट का विरोध करने को लेकर पाच लोगों सहित 200 अज्ञात पर की गई प्राथमिकी से लोग आक्रोशित हो उठे। इस मामले को लेकर प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित आंबेडकर भवन में स्थानीय मुखिया बाबूलाल पासवान की अध्यक्षता में बैठक हुई। कहा गया कि अब जबकि प्राथमिकी हो ही गई है तो प्रशासन की गोली खाना मंजूर है, वाटर ट्रीटमेंट प्लाट नहीं। इसी श्मशान में हमलोगों की समाधि बनेगी। जब सीओ नागेंद्र कुमार के समक्ष अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने से पूर्व स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज की थी तो आखिर किस परिस्थिति और किस दबाव में अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। उच्च न्यायालय में सीओ को भी पार्टी बनाया जाए। श्मशान भूमि बिहार में अमूमन कहीं भी श्मशान के नाम से खतियान में दर्ज नहीं है तो क्या पूरे बिहार की श्मशान भूमि को इसी तरह भौतिक रूप से विनष्ट करने की साजि़श है। इस स्थल पर प्रतिवर्ष रावण दहन होता है। साथ ही नागपंचमी के दिन भी मेले का आयोजन किया जाता है। इससे हमलोगों की संस्कृति को भी समाप्त किया जा रहा है जो सर्वथा अनुचित एवं निंदनीय है। जनप्रतिनिधियों पर किए गए मुकदमे को बिना शर्त वापस ले प्रशासन नही तो उग्र जनादोलन झेलने को तैयार रहे। मंत्री सुरेश शर्मा के उस वक्तव्य का विरोध किया गया जिसमें उन्होंने भूमि माफिया के संबंध में कहा है। इस बैठक में श्मशान बचाओ संघर्ष मोर्चा मुशहरी का गठन किया गया। इसमें यह भी निर्णय लिया गया कि मणिका मन के चारों तरफ घनी बस्ती है। दूषित पानी से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी। बैठक में सीपीआइ एमएल के उदय चौधरी, ओमप्रकाश सिंह, सीपीआइ के जिला मंत्री राम किशोर झा, जिला पार्षद अमित कुमार, रूदल राम, पूर्व मुखिया प्रियदर्शनी शाही उर्फ मन्नू शाही, भाकपा माले न्यू डेमोक्रेसी के जिला सचिव रामवृक्ष राम, राजकिशोर राम, मो जब्बार, एसयूसीआइ के लालबाबू महतो, भाकपा के शत्रुघ्न सहनी, परशुराम पाठक, विपिन शाही, उप मुखिया राज कुमार, वार्ड सदस्य संतोष कुमार, कृष्ण कुमार पासवान, विनय कुमार आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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