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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SKMCH में एईएस पीडि़त भर्ती बच्ची की मौत, आठ बच्चे अब भी इलाजरत Muzaffarpur News

By Ajit KumarEdited By:
Published: Sat, 20 Jul 2019 07:57 PM (GMT+05:30)

एसकेएमसीएच के पीआइसीयू में एक माह से चल रहा था इलाज। वहीं तीन एईएस मरीजों को डेंगू। एईएस के फॉलोअप ...और पढ़ें

SKMCH में एईएस पीडि़त भर्ती बच्ची की मौत, आठ बच्चे अब भी इलाजरत Muzaffarpur News
SKMCH में एईएस पीडि़त भर्ती बच्ची की मौत, आठ बच्चे अब भी इलाजरत Muzaffarpur News

मुजफ्फरपुर, जेएनएन। एसकेएमसीएच के पीआइसीयू में एक माह से एईएस पीडि़त मौत को मात दे रही बच्ची आखिरकार शनिवार को जंग हार गई। वह सिवाईपट्टी के सुनील राय की पुत्री सपना कुमारी (5) थी। इसे 19 जून को भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद उसे एईएस से पीडि़त होना बताया था। वहीं एईएस पीडि़त आठ बच्चे अब भी इलाजरत हैं। इसमें पीआइसीयू में दो और सामान्य वार्ड एक व दो में छह बच्चे भर्ती हैं। सामान्य वार्ड में भर्ती बच्चों के संबंध में चिकित्सकों ने बताया कि इनके स्वास्थ्य का अवलोकन किया जा रहा है। वहीं पीआइसीयू में भर्ती दोनों बच्चों की हालत गंभीर बताई गई है। 

 अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसके शाही ने बताया कि इस वर्ष अब तक 461 बच्चे इलाज को पहुंच चुके हैं। इनमें 309 बच्चों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। 130 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 बच्चों को बगैर चिकित्सीय परामर्श के परिजन ले जा चुके हैं। दो को पटना रेफर किया गया।

तीन एईएस मरीजों में पाया गया डेंगू

एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पीडि़त तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एसकेएमसीएच माइक्रोबॉयोलॉजी की ओर से तीन दिन पूर्व जारी रिपोर्ट के बाद इन मरीजों का फॉलोअप शुरू किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुढऩी शेरपुर के दस वर्षीय रौशन, अहियापुर मुस्तफापुर केदो वर्षीय तमीर व कुढऩी आरयपुर की छह वर्षीय संजु कुमारी में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन बच्चों का इलाज हो गया है। इनमें रौशन का इलाज केजरीवाल अस्पताल तथा दो अन्य बच्चों का इलाज एसकेएमसीएच में हुआ था।

 जनवरी में मीनापुर के विकेश कुमार व इसी गांव के 27 वर्षीय मीना कुमार में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इस बारे में जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि जिन बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई वह हाइपोग्लेसिमिया केशिकार थे। इसकी जांच की गई है। बीमारी कन्फर्म से पूर्व इनको ज्ञात एईएस की श्रेणी में रखा गया था। केंद्रीय टीम की अनुशंसा के बाद इनकी रीढ़ के पानी की लैब जांच हुई। इसमें डेंगू की पुष्टि हुई है। एक सप्ताह के अंदर प्रभावित गांवों मेंं फॉगिंग होगी।

शहर पर डेंगू का खतरा

बारिश होने के बाद कई मोहल्लों में जलजमाव होने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर एक बार फिर राज्य स्वास्थ्य समिति ने अलर्ट जारी किया है। जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग शहर में 17 रिक्शों से माइकिंग कराकर प्रचार-प्रसार करा रहा है।