मुजफ्फरपुर : शराब मामले में स्थानीय केंद्रीय कारा में बंद विचाराधीन बंदी की मंगलवार की सुबह एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी कल्लू गोसाई कुढ़नी कमतौल का रहने वाला था। जेल प्रशासन की मानें तो 11 सितंबर को उसे शराब मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल में आने के बाद से उसकी तबीयत खराब हो गई। जेल के अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर देख उसे एसकेएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को शव सौंपने की कवायद चल रही है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि वह नशे की गिरफ्त में आ चुका था। इस वजह से उसकी तबीयत खराब हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा।

स्वजनों का आरोप-पुलिस की

पिटाई से हुई मौत, कोहराम

कुढ़ऩी थाना के मुजफरा कमतौल निवासी कालू गोसाई की इलाज के दौरान मौत की जानकारी मिलने के बाद स्वजनों में कोहराम मच गया। कालू की पत्नी गीता देवी समेत अन्य सदस्य चित्कार मारकर रोने लगे। स्थानीय लोगों ने ढाढस देकर शांत कराया। कालू की पत्नी एवं पिता का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है। इस मामले में वे लोग मुकदमा दायर करेंगे। बता दें कि 10 सितंबर को कुढ़ऩी पुलिस द्वारा लगभग पांच लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसे दूसरे दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद जेल में उसकी तबीयत बिगड़ गई। पोस्टमार्टम के बाद उन लोगों को मौत की सूचना दी गई। थानाध्यक्ष अरविद पासवान ने मृतक के स्वजनों के आरोप को बेबुनियाद बताया है। कहा कि जेल भेजने के दौरान वह स्वस्थ था। जिला पार्षद प्रतिनिधि सुजीत रजक, समाजसेवी रमेश कुमार छोटन आदि ने मृतक के आश्रित को मुआवजा देने की प्रशासन से मांग की है।

Edited By: Jagran