मधुबनी, जेएनएन। मानवता को शर्मशार करने वाली घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। लोग यह मानने को तैयार नहीं कि माता-पिता अपने बच्चों में इतना भेद कैसे कर सकते हैं कि एक बेटे का साथ देकर दूसरे बेटे-बहु की जान लेने की साजिश कर बैठे। हत्यारों को कानून भले ही सजा दे दे, लेकिन उन चार बच्चों का क्या कसूर जो एक ही पल में अनाथ हो गए। उनके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। मृतका सात माह के गर्भ से थी। गर्भ का बच्चा दुनिया में आने से पहले ही खत्म हो गया। पूरे दिन क्षेत्र में लोगों की जुबान पर इस जघन्य हत्याकांड की ही चर्चा होती रही। इस बीच पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी रही। 

पांच बीघा जमीन को लेकर था विवाद 

जानकारी के अनुसार पांच बीघा जमीन को लेकर घर में विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक राजीव साह के माता-पिता फर्जी शिक्षक मामले में बेल पर बाहर थे। संभवत: उन्हें फर्जी शिक्षक-शिक्षिका के रूप में उठाए गए मानदेय सरकार के कोष में जमा करना था। इसके लिए वे लगातार राजीव साह पर दबाव बना रहे थे। इसी दौरान जमीन का विवाद भी बढ़ने लगा। कोई रास्ता ना देख अंतत: दोनों की हत्या की साजिश रची गई। 

पुलिस के आने तक चल रही थींं रेणु की सांसें

लदनियां थाना क्षेत्र लछमिनिया पंचायत स्थित गोदाम टोल में गुरुवार की रात काफी भयानक रही। देर रात व्यवसायी राजीव साह व उनकी पत्नी नियोजित शिक्षिका रेणु कुमारी की उनके घर में सोए अवस्था में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि मृतक के परिवार के लोग ही थे। राजीव साह ने तो घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही लदनियां थानाध्यक्ष संतोष कुमार ¨सह मौके पर पहुंचे। उस समय रेणु की सांसें चल रही थी। पुलिस ने उसे तत्काल पीएचसी भेजा, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पीएचसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। 

मृतका के भाई को रात एक बजे मिली सूचना 

हत्याकांड से गोदाम टोल के अलावा पिपराही गांव में भी मातम का माहौल है। मृत शिक्षिका रेणु देवी का मायका पिपराही गांव है। रात के घटना की सूचना उसके बड़े भाई मनोज कुमार साह को रात के करीब एक बजे मिली। मनोज ने फौरन यह सूचना पुलिस को दी और स्थानीय मुखिया के साथ स्वयं बहन की ससुराल निकल पड़े। वहां पहुंच कर देखा कि उसके चार भांजा-भांजी एक पल में अनाथ हो चुके थे, जबकि मृतका रेणु के गर्भ में पल रही सात माह की संतान दुनिया में आने से पहले ही खत्म हो चुकी थी। 

बाहर से बुलाए गए अपराधी 

हत्याकांड के बारे में गांव में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। सब इस घटना से सदमे में हैं। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने काफी कुरेदने पर नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए बाहर से अपराधी बुलाए गए थे। बताया कि रात में आरोपितों के घर के सामने दो-तीन चार चक्का वाहन लगे थे। संभवत: उन गाड़ियों से अपराधी पहुंचे और सुनियोजित तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। 

बेल पर जेल से बाहर थे आरोपित माता-पिता 

दोहरे हत्याकांड के आरोपित माता-पिता अपने सहयोगी बड़े बेटे के साथ अभी पुलिस की गिरफ्त में हैं। तीनों को कानूनी कार्रवाई कर शुक्रवार को ही जेल भेज दिया गया। हालांकि, आरोपित माता-पिता पहले से बेल पर जेल से बाहर थे। दोनों फर्जी शिक्षक मामले में अलग-अलग थानों में आरोपित थे। पिता छेदी साह के विरुद्ध ललमनिया ओपी में मामला दर्ज है, जबकि माता वीणा देवी के विरुद्ध लदनियां थाना में मामला दर्ज है। 

बच्चों को मिला ननिहाल का सहारा 

मृतक दंपती के चार बच्चे इस घटना के बाद अनाथ हो गए। बता दें कि मृतक की तीन पुत्री व एक पुत्र है। चार वर्षीय पुत्र अमन बार-बार अपनी बड़ी बहनों 11 साल की मिनाक्षी, नौ साल की वर्षा और सात साल की अंशु कुमारी से मम्मी-पापा के बारे में पूछ रहा था। तीनों बहनें भाई को संभालने में जुटी थी, लेकिन तीनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। एक ही पल में उनका बचपन उजड़ चुका था। मामा के आते ही बच्चे उससे लिपट कर रोने लगे। चारों बच्चों को मामा अपने साथ पिपराही लेकर चले गए। मृतक दंपती का अंतिम संस्कार भी पिपराही में ही किया जाएगा। 

मामले की तह तक पहुंचने में जुटी पुलिस 

एएसपी शौर्य सुमन ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जांच की। कहा कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम में भेजने के साथ ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। कहा कि पुलिस पूरे मामले को खंगाल रही है। मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।