बगहा। कोरोना के दूसरे चरण के संक्रमण में कमी आने के बाद से सरकार की तरफ से अनलॉक किया गया है। जिसमें अभी अनलॉक फोर चल रहा है। इसमें सभी तरह के पाबंदियों में छूट दी गई है। वहीं वर्ग 11 से ऊपर के विद्यालयों को कोरोना गाइडलाइन के तहत संचालित करने का आदेश भी दिया गया है। पर, जब इसकी पड़ताल बुधवार को की गई तो, 50 फीसद के बदले 20 फीसद से भी कम छात्राओं की उपस्थिति विद्यालयों में दिखाई दी। इधर कुछ बच्चों के पास मास्क भी नहीं दिखे। हालांकि विद्यालय प्रबंधन की माने तो, कोरोना गाइड लाइन के तहत बच्चों में मास्क का वितरण पहले ही कर दिया गया है। विद्यालय को सैनिटाइज पहले ही किया जा चुका है। जबकि स्कूल में आने वाले छात्रों के लिए सैनिटाइजर के अलावा साबुन आदि की व्यवस्था की गई है। आधे बच्चों को एक दिन व आधे को दूसरे दिन आने के बारे में बच्चों व अभिभावकों को समझा दिया गया है। बता दें कि नगर के हरिनगर उच्च विद्यालय में 12 वीं में 381 छात्रों का नामांकन है। वहीं गुट्टी लाल कन्या उच्च विद्यालय में करीब 422 छात्राओं का नामांकन है। पर, हालत यह है कि इन विद्यालयों में पठन पाठन के लिए बच्चों की संख्या नगण्य है। जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है।

कोरोना व नौवीं में नामांकन भी एक कारण

विद्यालय में छात्र व छात्राओं के कम उपस्थिति का कारण शिक्षक कोरोना को बता रहे हैं। हरिनगर उच्च विद्यालय के शिक्षक मनीष तिवारी का कहना है कि अभी लोग कोरोना के भय से अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजना चाहते हैं। वहीं इसका दूसरा कारण यह है कि नौवीं वर्ग के पंजीकरण व नामांकन का कार्य विद्यालयों में चल रहा है। इसके साथ हीं 11 वीं में छूटे सत्र 2020-22 के छात्रों का पंजीकरण कार्य भी हो रहा है। इधर बखरी आदर्श जगन्नाथ उच्च विद्यालय हो या फिर महारानी जानकी कुंअर उच्च विद्यालय चमुआ सबकी हालत अभी एक जैसी ही है। जिसमें पठन पाठन के लिए छात्र व छात्राओं की उपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बयान : कोरोना के कारण बच्चों की उपस्थिति कम है। अभिभावक व बच्चों को समझाकर स्कूल में लाने का प्रयास किया जा रहा है। कोरोना गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन किया जा रहा है। बिना मास्क के आने वाले बच्चों को सख्त हिदायत दी गई है। विपिन कुमार गुप्ता, प्रधानाध्यापक हरिनगर उच्च विद्यालय

Edited By: Jagran