मुजफ्फरपुर, जेएनएन। स्मैक की तलब ने सुमंत व अन्य को बैंक लुटेरा बना दिया। पकड़े गए सभी लुटेरे स्मैक के आदी हैं। पूछताछ में पता चला कि प्रतिदिन कम से कम छह पुडिय़ां स्मैक इन्हें चाहिए था। इसके लिए धंधेबाज नौ सौ रुपये लेते हैं। स्मैक के अलावा अन्य पॉकेट खर्चा भी चाहिए था। पैसे की किल्लत ने सभी को परेशान कर रखा था। प्राय: मोबाइल एवं चेन छीनकर स्मैक की तलब पूरी करते थे। सुमंत ने बताया कि वह मोतिहारी से आकर खबड़ा में बहन के घर पर रहता था।

 इस दौरान उसकी पहचान खबड़ा के अनुज उर्फ बिट्टू से हुई, जो स्मैक का बड़ा धंधेबाज है। उसके गिरोह में कम से कम दो सौ स्मेकिया हैं। ये शहर से लेकर दूसरे जिले में फैले हुए हैं। अनुज से उसने कई बार स्मैक की खरीदारी की। एक बार पैसा कम था तो अनुज ने स्मैक देने से मना कर दिया। मिन्नतें करने के बाद भी उसे स्मैक नहीं मिला। उसी दौरान उसने सुमंत से लूटपाट करने की बात कही।

 पैसा कमाने का आसान तरीका उसे बताया। नशे की ऐसी लत थी आगे-पीछे का कुछ नहीं सूझा और अपराध करने लगा। एक के बाद एक कई छोटी-बड़ी लूट और छिनतई की घटनाओं को अंजाम दिया। कुछ ही दिनों में देखते-देखते सुमंत गिरोह का सरगना बन गया। एक दर्जन युवा उसके गिरोह में शामिल हो गए। उसके पास से आधा दर्जन छीने गए मोबाइल बरामद हुए हैं। सुमंत ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष कहा कि अगर शहर से अपराध समाप्त करना है तो स्मैक की बिक्री बंद करवाएं।

 अधिकतर युवा स्मैक की गिरफ्त में आकर गलत राह पर चले जाते हैं। कहा कि शहर में होने वाली अधिकतर घटनाओं में स्मेकिया का ही हाथ है। पिछले सप्ताह बिट्टू ने उसको बैंक लूटने का आइडिया दिया। इसके लिए बिट्टू ने बैंक में लाइनर की भूमिका निभाई। तब सभी ने मिलकर बैंक लूट को अंजाम दिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि सुमंत ने एमएससी तक पढ़ाई की है। लेकिन, कहीं नौकरी नहीं की। 

पैसा आया तो बढऩे लगा शौक

लूट और छिनतई से पैसा आने लगा तो शौक भी बढ़ता गया। ब्रांडेड कपड़े पहनने की चाहत जगी। फिर हथियार रखने का शौक हुआ। लूट के दौरान भी दो लुटेरे स्मैक के नशे में धुत थे। सीसी कैमरे की फुटेज से भी यह स्पष्ट हो रहा है। एक लुटेरा तो इधर-उधर जाने के दौरान कई बार लड़खड़ाते दिखा है। 

सभी का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड

चारों लुटेरों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। सोनू और अनुज जिले के कई कुख्यात के गिरोह से जुड़े हुए हैं। सोनू का एक भाई हाल में ही सदर थाना से लूट के एक मामले में जेल गया था। सरगना सुमंत समेत अन्य सभी के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।

Posted By: Ajit Kumar

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