समस्तीपुर, जेएनएन। बाढ़ में सरकार की उदासीनता व बाढ़ प्रभावितों को पर्याप्त सरकारी राहत मुहैया न कराने से नाराज भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने मोरसंड के पंचायत चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। अध्यक्षता भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने की। सभा को संबोधित करते हुए अमित ने कहा कि दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में गांव के गांव जलमग्न हो गए हैं। लोग जान बचाने के लिए घर का सामान और मवेशी छोड़ हाईवे और दूसरे ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण ले रहे हैं।

 नदियां रौद्ररूप दिखा रही है। बाढ़ व बारिश के दौरान टूटे व क्षतिग्रस्त घरों को अब कैसे खड़ा करेंगे की चिंता विस्थापित परिवारों को सताने लगी है। बाढ़ से घिरे गांव व विस्थापित परिवारों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। एक ओर जहां शौचालय, पेयजल की समस्या है, वहीं दूसरी ओर भर पेट भोजन नसीब नहीं हो रहा है। लोगों में पर्याप्त राहत सामग्री नहीं मिलने से आक्रोश व्याप्त है। इन्हें सामुदायिक रसोईघर के माध्यम से तीन वक्त का भोजन कराया जाना चाहिए साथ ही अन्य सुविधाएं भी यथाशीघ्र मिलनी चाहिए।

उठाई ये मांगें

- बाढ़ प्रभावित परिवारों को 25-25 हज़ार रुपये की सहायता राशि तत्काल देने

- पानी से घिरे गांव-टोलों और ऊंची जगहों पर शरण लिए परिवारों के लिये ड्राई फ़ूड पैकेट्स और पानी की व्यवस्था करने

- मवेशियों के लिये पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने

- नाव पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराने

- उत्तरी और पूर्वी बिहार के सभी जिलों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने

- सभी किसानों और बटाईदारों को 20 हज़ार रुपये प्रति एकड़ फसल क्षति मुआबजा देने

- सभी खेत मज़दूरों, ग्रामीण मज़दूरों और प्रवासी मज़दूरों को मासिक 7500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता देने

- बाढ़-सूखा की लगातार तबाही झेल रहे उत्तर - पूर्वी बिहार के लोगों के लिए बाढ़-सूखा मुक्ति के लिये मुकम्मल योजना बनाने की मांग की

 मौके पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा कि मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य महेश सिंह, रविन्द्र सिंह ,अखिलेश सिंह समेत राजाराम सिंह , रामविलास पासवान, रामभरोस राय, संजय कुमार,आइसा प्रखंड अध्यक्ष रौशन कुमार इत्यादि मौजूद थे।

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