मुजफ्फरपुर, जेएनएन। पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में जब्त पिस्तौल की जांच के बाद एफएसएल के निदेशक को सील के नमूने की रिपोर्ट बुधवार को सौंपने का आदेश दिया है। विशेष कोर्ट में मंगलवार को सीबीआइ की ओर से यह रिपोर्ट नहीं सौंपने के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है। सीबीआइ कोर्ट में तीन गवाहों को पेश करेगी। रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने की स्थिति में सिवान नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुबोध कुमार को छोड़कर अन्य गवाहों को सीबीआइ विशेष कोर्ट में पेश कर सकती है। 

बचाव पक्ष ने जताई थी आपत्ति

पिछली सुनवाई में आरोपित सोनू कुमार सोनी की ओर से उसके  अधिवक्ता प्रियरंजन अनु ने सीबीआइ की ओर से कोर्ट में पेश किए सीलबंद पिस्तौल पर आपत्ति जताई थी। उनकी आपत्ति एफएसएल जांच के बाद सील का नमूना विशेष कोर्ट में पेश नहीं करने को लेकर था। 

शहाबुद्दीन सहित सभी आरोपितों की विशेष कोर्ट में पेशी

बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरद सिन्हा ने बताया कि तिहाड़ जेल में बंद आरोपित पूर्व सांसद शहाबुद्दीन व भागलपुर जेल में बंद अजहरूद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। वहीं मुजफ्फरपुर जेल में बंद अन्य आरोपितों को कोर्ट में लाकर पेश किया गया। 

यह है मामला

13 मई 2016 की शाम सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मार हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच के बाद इस मामले को सीबीआइ के हवाले किया गया। पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सहित सात आरोपितों के विरुद्ध सीबीआइ ने कोर्ट में पिछले साल 21 अगस्त को चार्जशीट दाखिल किया था। विशेष सीबीआइ कोर्ट ने चार्जशीट को संज्ञान में लेकर सेशन ट्रायल चलाने के लिए जिला जज कोर्ट भेजा था। फिलहाल इस मामले का सत्र-विचारण एमपी/ एमएलए के मामले के लिए गठित एडीजे-छह के विशेष कोर्ट में चल रहा है।

Posted By: Ajit Kumar

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