मुजफ्फरपुर : मधु उर्फ शाइस्ता परवीन की ओर से जमानत की अर्जी पर विशेष कोर्ट (एससी /एसटी ) में दाखिल अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। यह मामला स्वाधार गृह से 11 महिलाएं व चार बच्चों के गायब होने का है। वह बालिका गृह मामले में भी आरोपित है। इस समय वह तिहाड़ जेल में बंद है। उसके अधिवक्ता प्रियरंजन अनु ने उसकी जमानत अर्जी पर बहस की। कोर्ट के समक्ष उन्होंने दलील दी कि सेवा संकल्प, विकास समिति व स्वाधार गृह से उसका कोई लेना-देना नहीं है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एससी /एसटी मामला) जयमंगल प्रसाद ने पक्ष रखने से पहले केस डायरी का अध्ययन करने के लिए कोर्ट से समय देने की प्रार्थना की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

यह है मामला : पिछले साल 30 जुलाई को बाल संरक्षण इकाई के तत्कालीन सहायक निदेशक दिवेश कुमार शर्मा ने महिला थाना में केस दर्ज कराया था। इसमें सेवा संकल्प व विकास समिति के संचालक को आरोपित किया गया था। इसमें कहा गया था कि समाज कल्याण विभाग के अधीन स्वाधार गृह का संचालन साहु रोड स्थित सेवा संकल्प व विकास समिति करती थी। आरोप लगाया गया था कि पिछले साल 20 मार्च को निरीक्षण के दौरान 11 महिलाएं व चार बच्चे स्वाधार गृह में रह रहे थे। पिछले साल नौ जून को जब इसका निरीक्षण किया गया तो वहां ताला लगा मिला। महिलाएं व बच्चे गायब थे। इसकी सूचना भी नहीं दी गई थी। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने रामानुज ठाकुर, कृष्ण कुमार उर्फ कृष्णा राम व मधु उर्फ शाइस्ता परवीन को आरोपित बनाया था। मधु व अन्य आरोपितों के खिलाफ अनुसंधान के बाद पुलिस इस साल 16 जनवरी को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।

Posted By: Jagran

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