मुजफ्फरपुर : मुरौल प्रखंड में सौ फीसद कोरोना टीकाकरण के बाद शहरी क्षेत्र में भी यह लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। निगम क्षेत्र में 31 जुलाई तक यह उपलब्धि हासिल करने के लिए शनिवार से एक सप्ताह का विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। टीका की कमी से अभियान में एक दिन की देरी हुई है। पहले यह शुक्रवार से शुरू होनी थी। डीएम प्रणव कुमार ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में उक्त जानकारी देते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी वार्ड में टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। इसके लिए अलग-अलग टीम भी लगाई गई है। इसके अलावा उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर से बचाव को लेकर जिले में आक्सीजन और बेड की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि तीसरी लहर से बचाने में टीकाकरण की बड़ी भूमिका रहेगी। इसे देखते हुए पहले सभी निकाय क्षेत्रों में सौ फीसद टीकाकरण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। नगर निगम के बार सभी निकायों में 31 अगस्त तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं जिले में आक्सीजन की उपलब्धता के लिए कई प्लांट लगाए जा रहे हैं। बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जांच की संख्या भी बढ़ाई गई है, ताकि तीसरी लहर का समय से पता चल सके। प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा, एसडीओ पूर्वी डॉ. कुंदन कुमार, डीपीआरओ कमल सिंह आदि मौजूद थे। पांच दिनों में करीब 80 हजार लोगों को दिया जाएगा टीका

निगम क्षेत्र में दो लाख 82 हजार 428 लक्ष्य के विरुद्ध दो लाख एक हजार 632 लोगों को टीका दिया जा चुका है। अब करीब 80 हजार लोगों को यह दिया जाना है। डीएम ने कहा कि प्रतिदिन 15 हजार लोगों को टीका देने का प्रयास होगा। टीका की कमी से अगर किसी दिन अभियान रुका भी तो इस सप्ताह लक्ष्य पूरा हो जाएगा। कुल 74 टीम को लगाया गया

टीकाकरण के लिए पहले से 25 टीम काम कर रही है। अब प्रत्येक वार्ड में एक-एक टीम को शामिल करने पर 74 टीम शनिवार से एक सप्ताह काम करेगी। इसमें एक वैक्सीनेटर एवं दो डाटा इंट्री आपरेटर होंगे। अभियान की मानीटरिग के लिए चार शहरी पीएचसी को वार्ड में बांटकर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रत्येक वार्ड में पीडीएस विक्रेता के यहां टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां शनिवार सुबह नौ बजे से टीकाकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तीसरी लहर से बचाव के लिए यह तैयारी

- अधिक से अधिक लोगों की जांच। खासकर बाहर से आने वाले लोगों की जांच। औसतन सात हजार लोगों की प्रतिदिन जांच हो रही है। इसमें आरटीपीसीआर की संख्या आठ सौ से बढ़ाकर 16 सौ किया जाएगा। वहीं पांच से छह हजार रैपिड एंटीजन टेस्ट होंगे।

- अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाई गई है। एसकेएमसीएच में दो सौ, बीबी कालेजिएट में 220, एमसीएच विग में सौ, ग्लोकल अस्पताल में 60 बेड तैयार हैं। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर पीएचसी एवं सीएचसी में आक्सीजन कंसेंट्रेटर के साथ दस-दस बेड तैयार हैं। चिकित्सकों एवं एएनएम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

- आक्सीजन के 447 बड़े, 337 छोटे सिलेंडर एवं 261 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर उपलब्ध हैं। एसकेएमसीएच एवं सदर अस्पताल में आक्सीजन प्लांट तैयार। इसके अलावा पारू एवं कांटी में भी नया प्लांट।