मुजफ्फरपुर, जासं। कोरोना इलाज में अब ऑक्सीजन के बाद जांच किट का टोटा हो गया है। बुधवार को किट नहीं रहने से शहर से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जांच प्रभावित रही। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 3000 किट की जरूरत है, लेकिन एक से डेढ़ हजार ही मिल रही हैैं। अघोरिया बाजार स्वास्थ्य केंद्र से बिना जांच कराए वापस हो रहे सुरेश कुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे लाइन में लगे। दोपहर 12 बजे बताया गया कि जांच नहीं होगी। उनको दो दिनों से सर्दी-खांसी व बुखार के लक्षण हैं। इसी तरह की बात अंकित कुमार व शोभा देवी ने कही। जांच नहीं होने से हर जगह से लोग लौटते रहे। 

एंटीजन किट नहीं रहने से परेशानी

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एंटीजन किट की कमी से मोतीपुर, पारू समेत कई प्रखंडों के पीएचसी में जांच बाधित है। वहां एंटीजन किट खत्म होने से कोरोना जांच नहीं हो रही है की सूचना चस्पा कर दी गई है। शहरी क्षेत्र में सदर अस्पताल, रेलवे जंक्शन को छोड़कर कहीं भी कोरोना जांच नहीं हुई। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मïपुरा, अघोरिया बाजार, बालूघाट और कन्हौली, इमलीचट्टी व बैरिया बस स्टैंड में जांच नहीं हुई। इससे कोरोना की चेन तोडऩा कठिन है। सिविल सर्जन डॉ.एसके चौधरी ने कहा कि किट की उपलब्धता के आधार पर कोरोना जांच चल रही है। विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। प्रतिदिन तीन हजार का लक्ष्य है, लेकिन उसके हिसाब से किट नहीं मिल रही हैं।

मोतीपुर में पांचवें दिन भी कोरोना जांच बाधित

मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) : मोतीपुर पीएचसी में पांचवें दिन बुधवार को भी रैपिड एंटीजन किट के अभाव में कोरोना जांच नहीं हो सकी। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से लोग कोरोना जांच के लिए पीएचसी आए जिन्हें बिना जांच ही लौटना पड़ा। लोगों का कहना था कि लॉकडाउन लगने से आने-जाने के लिए सवारी का भी अभाव है। पीएचसी की चिकित्सक कल्पना कुमारी ने बताया कि बुधवार की शाम को जिले से चार सौ रैपिड एंटीजन किट मिली है, कल से कोरोना जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बरियारपुर पश्चिमी पंचायत सहित चार जगहों पर कैंप लगाकर 270 लोगों को कोरोना का टीका दिया गया। 

Edited By: Ajit Kumar