मुजफ्फरपुर [अरुण कुमार शाही]। दृष्टि बाधित मरीजों के लिए एसकेएमसीएच में जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आइ बैंक खुलने जा रहा है। अब यहां संपर्क कर नेत्रदान संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। यहां आइ ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी होगी।

कैसे मिलेगा मरीजों को लाभ

अगर चिकित्सक किसी मरीज को नेत्र प्रत्यारोपण की अनुशंसा करते हैं तो आइ बैंक के डॉक्टर मरीज को देख कर पुष्टि करेंगे कि उसका कॉर्निया ट्रांसप्लांट होगा या नहीं।

नेत्रदान को करेंगे प्रोत्साहित

यहां मोटिवेटर व काउंसलर की नियुक्ति होगी। यह नेत्रदान के इच्छुक लोगों को प्रोत्साहित करेंगे। काउंसलर के पास एक रजिस्टर होग। वह इच्छुक दानकर्ता की लिस्ट तैयार करेगा। फॉर्म तैयार कर इच्छुक दानकर्ता को शपथ दिलाई जाएगी।

कैसे मिलेगा मरीज को कॉर्निया

विभाग में आने वाले दृष्टिबाधित मरीजों का एक रजिस्टर तैयार कर उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। आइ बैंक में कॉर्निया उपलब्ध होने पर मरीज से संपर्क किया जाएगा। इसके बाद कॉर्निया उपलब्ध होने के छह घंटे के अंदर मरीज में ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा।

डॉक्टरों को मिला प्रशिक्षण

आइ बैंक नेत्र विभाग के अधीन कार्य करेगा। विभाग के तीन डॉक्टर कॉर्निया ट्रांसप्लांट को प्रशिक्षित हो चुके हैं। इनमें डॉ. आरके सिंह, डॉ. राकेश कुमार व डॉ. निरुपमा कुमारी शामिल हैं।

ऐसे काम करेगी टीम

नेत्रदाता के ब्रेन डेथ के पूर्व अगर मरीज के स्वजन विभाग को सूचित करते हैं तो टीम एंबुलेंस से उनके पास पहुंचेगी। फिर नेत्रदाता से कॉर्निया लेकर अस्पताल आ जाएगी। इसके बाद जिसे कॉर्निया दिया जाना है, उससे संपर्क करेगी। इसके बाद मरीज में कॉर्निया ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा।

Posted By: Murari Kumar

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