जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस का तीखा हमला, ओबीसी समाज के साथ अन्याय का आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित जातिगत जनगणना प्रारूप पर गंभीर सवाल उठाए हैं, इसे पिछड़ा वर्ग के साथ बड़ा ...और पढ़ें

जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करतीं चित्रा बाथम व अन्य।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Caste Census Format Dispute: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे पिछड़ा वर्ग के साथ छलावा बताया है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता चित्रा बाथम ने कहा कि प्रारूप की विसंगतियों से साफ जाहिर होता है कि केंद्र सरकार वास्तविक जातिगत जनगणना कराने से बच रही है।
वे शनिवार को तिलक मैदान स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।
दसवें कॉलम पर ऐतराज
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रारूप के 10वें कॉलम का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें जाति के लिए पूरी तरह खुला विकल्प दिया गया है।
इस व्यवस्था से अनगिनत उपजातियां और गोत्र दर्ज हो जाएंगे, जिससे किसी भी जाति की वास्तविक संख्या तय करना असंभव हो जाएगा।
सटीक डेटा सामने न आने पर पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी संसाधनों और कल्याणकारी योजनाओं का न्यायपूर्ण बंटवारा भी बाधित होगा।
सरकार पर तीखा हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ और वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज के साथ बार-बार भ्रम की स्थिति बनाई जाती है। अब एक बार फिर अस्पष्ट प्रारूप के जरिए पिछड़े और वंचित वर्गों के बुनियादी अधिकारों पर चोट करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस किसी भी स्थिति में ओबीसी समाज के हकों के साथ समझौता नहीं होने देगी।
सड़क से संसद तक
पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को औपचारिक पत्र भेजकर इस प्रारूप में तत्काल सुधार की मांग उठाई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन खामियों को दूर नहीं किया, तो राहुल गांधी सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को संसद से लेकर सड़क तक लड़ेंगे।
इस प्रेस वार्ता में पूर्व नगर विधायक विजेंद्र चौधरी, जिला प्रवक्ता समीर कुमार, मो. आमिर और विकास सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।
