मुजफ्फरपुर, जेएनएन। जंक्शन परिसर से बिना अनुमति प्रीपेड टैक्सी का संचालन हो रहा है। इसके रेलवे के पास कोई कागजात उपलब्ध नहीं है। सोमवार को यात्रियों ने रेलमंत्री को ट्वीट कर शिकायत की। इससे अधिकारियों में खलबली है। जानकारी के अनुसार 2017 में यात्रियों की बेहतर सुरक्षा के लिए जीआरपी व रेलवे ने मिलकर प्रीपेड टैक्सी की शुरुआत की थी।

काउंटर से बुक होने वाली हर टैक्सी से 15 रुपये सर्विस टैक्स की वसूली होने लगी। संगठन ही वसूली की रकम रख रहा है। चार साल बीतने के बाद भी रेलवे के पास इसकी कोई सूचना व ब्योरा नहीं है। इससे रेलवे को लाखों का चूना लग रहा है। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने प्रीपेड संघ से कागजात मांगे तो रेल थाने के पास जमा होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया।

रेल थाने ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसके बावजूद रेलवे की जमीन पर टैक्सी प्रीपेड का संचालन हो रहा है। इसका हिसाब इसे चलाने वाला संगठन ही रख रहा है। रेलवे ने 150 टैक्सी लगाने के लिए बिना किराये की मुफ्त में जमीन उपलब्ध कराई है। अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच होगी।  

Posted By: Ajit Kumar

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