मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को जिले के दौरे पर आएंगे। वे बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित लेदर पार्क और मोतीपुर में बन रहे एथनाल फैक्ट्रियों का अवलोकन करेंगे। लेदर पार्क से जुड़कर उद्यमी बन रहीं जीविका दीदियों में उत्साह का संचार करेंगे। जीविका दीदी नए करियर की शुरुआत कर रही हैं। देर शाम सीएम के आगमन की सूचना मिलने के बाद जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र सिंह

व बियाडा के उप महाप्रबंधक रविरंजन प्रसाद की देखरेख में तैयारी शुरू हुई।

  • - उद्यमी जीविका दीदियों में आज उत्साह भरेंगे मुख्यमंत्री
  • - नीतीश कुमार आज जिले में, बेला लेदर पार्क और मोतीपुर में एथनाल फैक्ट्रियों का करेंगे अवलोकन
  • - बेला औद्योगिक इलाके में लेदर कलस्टर से जुड रहीं दीदियां, 40 का चयन, मिलेंगे 10-10 लाख

सड़क मार्ग से आगमन

मुख्यमंत्री पटना से सड़क मार्ग से यहां आएंगे। दोपहर एक बजे उनका यहां आगमन होगा। बेला में लेदर पार्क के अवलोकन के बाद मोतीपुर के लिए रवाना होंगे। वहां करीब आधा घंटा एथनाल फैक्ट्रियों का अवलोकन करेंगे।

इस तरह से चल रही योजना, देखेंगे मुख्यमंत्री

लेदर क्लस्टर से जीविका की 40 उद्यमियों को जोड़ा गया है। उनके खाते में दस-दस लाख की राशि जाएगी। तीन-तीन लाख की राशि चली गई है। यहां की उद्यमी दीदियों को दिल्ली या मुंबई में स्थापित लेदर बैग की बड़ी यूनिट में एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा, ताकि और बेहतर तरीके से कार्य कर सकें। इस काम में ग्रामीण विकास विभाग एवं उद्योग विभाग का सहयोग मिल रहा है। यूनिट संचालन के लिए 40 जीविका दीदियों का चयन किया गया है। डीएम प्रणव कुमार की मानें तो बियाडा में बने लेदर क्लस्टर यूनिट की जीविका दीदी अब खुद मालिक बनेंगी। 40 जीविका दीदियां अपने साथ पहले चरण में 300-500 को रोजगार देंगी। उसके बाद यह दायरा बढ़ेगा।

दो हजार लोगों को रोजगार देने का रखा लक्ष्य

हाई स्प्रीट कामर्शियल वेंचर प्राइवेट लिमेटेड की ओर से संचालित बैग निर्माण यूनिट के साथ जीविका दीदी काम करेंगी। 40 जीविका दीदी लीडर की भूमिका में रहेंगी। दस लाख का कर्ज मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से मिलेगा। हाई स्प्रीट कामर्शियल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के सह संस्थापक सिद्धार्थ मिश्रा की मानें तो आने वाले दिन में दो हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी की ओर से कच्चा माल से लेकर मशीन तक उपलब्ध कराया जा रहा है। बैग तैयार होने के बाद उसको बेचने का भी झंझट नहीं होगा, इसलिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है।

10 लाख का ऋण मिलेगा, पांच लाख सब्सिडी

उद्योग विभाग के अनुसार 10 लाख का ऋण ऋण मिलेगा। इसमें पांच लाख सब्सिडी एवं पांच लाख ब्याज मुक्त ऋण से बैग उत्पादन का व्यवसाय जीविका दीदी करेंगी। उत्पादन से पहले इससे संबंधित सभी प्रशिक्षण दिए जाएंगे। बैग उत्पादन से संबंधित सभी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बने हुए बैगों का मार्केट लिंकेज भी कराया जाएगा। इन सभी गतिविधियों में प्रत्येक स्तर पर हाई स्प्रीट कंपनी पूर्ण सहयोग देगी। फिलहाल यहां 110 मशीन लगी हुई हैं। 200 लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां पर 96 यूनिट बनकर तैयार है। हर यूनिट में 40 सिलाई मशीन लगाने की योजना है।

Edited By: Ajit kumar

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