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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन ने भारत को चौपट करने के लिए रची यह साजिश, नेपाल इस तरह हो रहा इस्तेमाल

By Ajit KumarEdited By:
Published: Thu, 16 Jun 2022 08:24 AM (IST)

पहले नेपाल की राजधानी काठमांडू से चार और अब भारत-नेपाल सीमा के पास से दो चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी के ...और पढ़ें

नेपाल के रास्ते भारतीय अर्थव्यवस्था पर चोट पहुंचाने की चीन की साजिश। प्रतीकात्मक फोटो
नेपाल के रास्ते भारतीय अर्थव्यवस्था पर चोट पहुंचाने की चीन की साजिश। प्रतीकात्मक फोटो

रक्सौल (पूर्वी चंपारण) , [ विजय गिरी ]! नेपाल से जाली भारतीय नोट बड़ी संख्या में भारत भेजे जाते हैं। देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की सक्रियता पहले ही सामने आ चुकी है। अब चीन की गतिविधियां भी सामने आ रही हैं। 11 जून को सीतामढ़ी से लगी नेपाल सीमा से चीनी नागरिक लु लैंग व युवान हेलंग की गिरफ्तारी में अवैध वित्तीय गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है। इससे पहले नौ जून को चार करोड़ के नकली नेपाली नोट के साथ काठमांडू में चार चीनी पकड़े गए थे। इन दोनों मामलों को जांच एजेंसियां जोड़कर जांच कर रही हैं।

  • -नेपाल के रास्ते बड़ी मात्रा में जाली नोट खुली सीमा से पहुंचाए जाते भारत
  • -नेपाल में चलने वाले कैसिनो में जमकर जाली नोटों का होता इस्तेमाल
  • -काठमांडू में चार व सीतामढ़ी में पकड़े गए दो चीनी नागरिकों का संबंध खंगाल रहीं जांच एजेंसियां

चीन की गतिविधियां नेपाल में बढऩे के बाद चीनी नागरिकों का आना-जाना बढ़ा है। वे भारत तक घुसपैठ बनाकर अपना काम कर रहे हैं। नेपाल की राजधानी काठमांडू से लेकर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में उनकी गतिविधियां बढ़ी हैं। काठमांडू में चलने वाले कैसिनो में जाली नोट की खूब खपत है। खुली सीमा से ये नोट भारतीय बाजार में भी पहुंच रहे हैं। वहां के बहुत से कैसिनो और होटलों में दाऊद का पैसा लगा होने की बात कही जाती है। तस्करों का संबंध वहां नागरिकों व चीनियों से लेकर यहां के कुछ बड़े व्यापारियों तक है।

अवैध वित्तीय गतिविधियां आ चुकी हैं सामने

गिरफ्तार दोनों चीनी नागरिकों के पास से डालर के साथ भारतीय रुपये, असम के दो व्यक्तियों के नाम से आइसीआइसीआइ बैंक के डेबिट कार्ड मिले थे। जांच में क्रिप्टो करेंसी बिटक्वाइन की खरीद-बिक्री का भी मामला सामने आ चुका है। ऐसे में वित्तीय अपराध सामने आ चुका है। चीनियों का नेपाल और भारत में व्यापारिक संगठनों से कनेक्शन की भी चर्चा है। नेपाल में सक्रिय भारत विरोधी संगठन और चीनी एजेंसियां आपसी तालमेल से भारतीय अर्थव्यवस्था पर चोट करने की साजिश में जुटी हैं। इसके लिए भारतीय जाली नोट और नार्कोटिक्स की तस्करी को बढ़ावा दे रही हैं। जांच एजेंसियां दोनों चीनी नागरिकों के वित्तीय लेेनदेन की पड़ताल में जुटी हैं।

बरामद हो चुके हैं नेपाल से आए जाली नोट

इस साल 12 मई को शिवहर में दो लाख के जाली नोट पकड़े गए थे। 18 जनवरी को मधुबनी के भैरवस्थान थाना क्षेत्र से 13 लाख एक सौ रुपये के जाली नोट की बरामदगी हुई थी। जांच में नेपाल कनेक्शन सामने आया था। मुजफ्फरपुर में फरवरी में करीब 12 लाख और पूर्वी चंपारण में करीब 43 हजार के जाली नोट बरामद हुए थे। इन्हें भी नेपाल से लाया गया था। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक डा. कुमार आशीष ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर चीनी नागरिकों के नेपाल कनेक्शन की जांच की जा रही है। इसके लिए एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।