मुजफ्फरपुर, जासं। नगर निकाय चुनाव को लेकर पटना हाईकोर्ट के आदेश का मुज़फ्फरपुर में भी असर पड़ेगा। मुज़फ्फरपुर में महापौर और उपमहापौर का पद ओबीसी के लिए आरक्षित था। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) ने अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य निर्वाचन आयोग को निर्णय लेना है। वहीं आदेश में रीनोटिफिकेशन की बात कही गई है। इसके अनुसार ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य करते हुए अधिसूचना जारी होने पर सभी नगर निकायों में चुनाव प्रभावित होगा।

मेरा मेयर मेरा पार्षद

मेरा मेयर

मुझे ऐसा मेयर चाहिए जो शहरवासियों की जरूरतों को समझता हो। जिसके पास शहर के विकास का विजन हो। जो अपने पद की गरिमा के अनुसार काम करे। वह शहर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध बना सके। शहर को स्मार्ट सुविधाओं से लैस कर सके। जनता की समस्याओं का त्वरित निष्पादन कर सके। -- डा. राजीव कुमार, चिकित्सक

मैं ऐसा मेयर चाहता हूं जो शहर को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा सके। शहर के विकास का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध काम कर सके। वह जनता से किए गए वादों को पूरे। विकास के लिए सरकार एवं अन्य एजेंसियों से राशि ला सके। शहर की समस्याओं यथा जाम, जलजमाव, जर्जर सड़कों एवं जलापूर्ति की समस्याओं से निजात दिला सके। - राम कुमार सिंह, शिक्षक, मालीघाट

मेरा पार्षद

ऐसा पार्षद चाहिए जिसे कम से कम अपने वार्ड की समस्याओं की जानकारी हो और वह उनका समाधान कर सके। वह जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ रहे। वार्ड के लोगों को सहजता से उपलब्ध हो। निगम की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे इस दिशा में काम करें। निगम की बैठक में वार्ड की समस्याओं रख सके। -- शिवानी कुमारी, नई बाजार, वार्ड नंबर --18

मुझे ऐसा वार्ड पार्षद चाहिए जो हमारे मुहल्ले को स्वच्छ रखे और जलजमाव से मुक्त करे। वह जाति-धर्म के भेद से ऊपर उठकर अपना कार्य करे। अपनी घोषणाओं को पूरा करे। जनता को मच्छरों के दंश से निजात दिला सके। सफाई कार्य को प्राथमिकता दे। -- आशीष सिंह चर्च रोड, वार्ड 3

Edited By: Dharmendra Kumar Singh

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