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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में नए पोर्टल से 1823 छात्रों का रिजल्ट जारी, पेंडिंग के परिणाम में सुधार

Published: Thu, 13 Aug 2026 04:44 AM (IST)

BRABU Marksheet Correction Process: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने लंबित परिणामों को सुधारने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया ...और पढ़ें

पेंडिंग रिजल्ट सुधारकर अंकपत्र तैयार कर लिया गया है। फाइल फोटो

पेंडिंग रिजल्ट सुधारकर अंकपत्र तैयार कर लिया गया है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। BRABU Pending Result Resolved: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में रिजल्ट की गड़बड़ियों और पेंडिंग परिणामों को दूर करने के लिए नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है।

विश्वविद्यालय द्वारा तैयार कराए गए विशेष पोर्टल के माध्यम से अब तक 1823 विद्यार्थियों का पेंडिंग रिजल्ट सुधारकर अंकपत्र तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इनकी छपाई कर संबंधित कॉलेजों में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

विश्वविद्यालय के स्नातक (TDC) पाठ्यक्रम के पिछले कई सत्रों के सैकड़ों विद्यार्थियों का फाइनल रिजल्ट रुका हुआ था। अधिकांश मामलों में छात्र पार्ट थर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे, लेकिन पार्ट वन या पार्ट टू के अंक उपलब्ध न होने या किसी एक पार्ट की परीक्षा में अनुपस्थित रहने के कारण परिणाम अटका था। छात्रों के आवेदनों के भौतिक व डिजिटल सत्यापन के बाद अब परिणाम जारी किया गया है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने बताया कि पारदर्शी व्यवस्था के लिए सभी कॉलेजों के प्राचार्यों और पीजी विभागाध्यक्षों को लॉगिन आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है।

नाम, अंकपत्र, पंजीकरण संख्या या एडमिट कार्ड में त्रुटि सुधार के लिए छात्र सीधे अपने कॉलेज में आवेदन जमा करेंगे। कॉलेज प्रशासन दस्तावेजों को स्कैन कर विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करेगा।

पोर्टल पर अपलोड आवेदन सीधे विश्वविद्यालय के टेबुलेटर वन, टू और थ्री के पास पहुंचेगा। टेबुलेटर टीआर (TR) और अन्य अभिलेखों से मिलान कर इसे सत्यापन के बाद परीक्षा नियंत्रक को भेजेंगे।

परीक्षा नियंत्रक से स्वीकृति मिलते ही संशोधित परिणाम कॉलेज के पास चला जाएगा, जिससे छात्रों को चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि सैकड़ों ऐसे मामले सामने आए हैं जहां विद्यार्थियों ने एक ही वर्ष में दो अलग-अलग पार्ट की परीक्षाएं दी हैं। नियम के विरुद्ध होने के कारण ऐसे परिणामों को रोक दिया गया है। इस संबंध में विशेषज्ञों की राय लेने अथवा कमेटी गठित कर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

अक्सर विश्वविद्यालय द्वारा आवेदन कॉलेज में ही जमा करने का निर्देश दिया जाता है, लेकिन कुछ कॉलेज इसका पालन नहीं करते। रजिस्ट्रार ने सख्त लहजे में कहा कि इस नई व्यवस्था का पालन न करने वाले कॉलेजों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनकी शिकायत लोकभवन में भी दर्ज कराई जाएगी।