मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में दो हजार छात्र-छात्राओं ने 1.46 लाख विद्यार्थियों के नामांकन की राह रोक रखी है। इन विद्यार्थियों ने स्नातक में नामांकन के समय इंटर में प्राप्त अंकों की गलत जानकारी फार्म में भर दी थी। मेधा सूची बनाने के क्रम में जब आवेदनों की जांच की गई तो इसमें यह गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने आवेदनों की बारीकी से जांच की। इस कारण मेधा सूची जारी करने में विलंब हो रहा है।

सूची एक साथ जारी की जाएगी

इधर, अध्यक्ष छात्र कल्याण डा.अभय कुमार सिंह ने बताया कि 13 अगस्त को स्नातक और पीजी दोनों की पहली मेधा सूची एक साथ जारी की जाएगी। स्नातक की मेधा सूची 90 हजार और पीजी की मेधा सूची 68 सौ विद्यार्थियों के लिए जारी होगी। इसके लिए 16 से 22 अगस्त तक का समय नामांकन के लिए दिया जाएगा। कालेजों व पीजी विभाग में प्रतिदिन होने वाले नामांकन की स्थिति से विश्वविद्यालय को अवगत कराने को कहा गया है। अध्यक्ष छात्र कल्याण ने कहा कि दो बार मेधा सूची जारी करने के बाद जो विद्यार्थी नामांकन लेंगे। उनकी कक्षाओं का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। इसके बाद तीसरी मेधा सूची जारी की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है। बता दें कि स्नातक और पीजी में नामांकन के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी लंबे समय से मेधा सूची जारी होने की प्रतीक्षा में हैं।

45 से कम अंक वाले विषय में भी दे दिया स्नातक का विकल्प

यूएमआइएस कोआर्डिनेटर प्रो.टीके डे ने बताया कि पांच सौ से अधिक ऐसे विद्यार्थियों ने आवेदन के समय गड़बड़ी की है। इन्होंने जिस विषय में इंटर में 45 अंक से कम हैं। उन्हें स्नातक का मुख्य विषय का विकल्प दे दिया है। ऐसे में उन्हें उस विषय में नामांकन का मौका नहीं मिल पाएगा। कहा कि प्रविधान के अनुसार जिस विषय में 45 या इससे अधिक अंक हो। उसी में स्नातक का मुख्य विषय का विकल्प दिया जा सकता है। ऐसे में आवेदन को एडिट करने का विकल्प मिलने पर ऐसे आवेदकों को मौका दिया जाएगा।

1.55 लाख सीटों के लिए 1.47 लाख आए हैं आवेदन

स्नातक में 1.55 लाख सीटें निर्धारित हैं। इसके लिए एक लाख 46 हजार 987 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पिछले वर्ष की तुलना में 10 हजार कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं पीजी में भी आठ हजार कम आवेदन आए हैं। बताया जा रहा है कि विलंब सत्र और परीक्षाएं बेपटरी होने के कारण विद्यार्थी आसपास के विश्वविद्यालयों में शिफ्ट कर जा रहे हैं।  

Edited By: Ajit Kumar