मुजफ्फरपुर, जासं। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर प्रतिमाह खर्च हो रहे 24 लाख रुपये पर प्रश्न उठाया गया। दैनिक जागरण के शुक्रवार के अंक में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए पूर्व एमएलसी सह डा.नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विवि में छात्रों से जुड़े मुद्दे के लिए बजट की कमी है, लेकिन सिर्फ सुरक्षा के नाम पर 24 लाख रुपये का भुगतान हो रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गरीब विद्यार्थी पढऩे आते हैं उन्हें सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके बदले राशि का दुरुपयोग किया जाता है। कहा कि गार्ड की नियुक्ति क्यों हुई जब छात्र-छात्राओं के साथ दुव्र्यवहार और मारपीट की घटनाएं उनके सामने हो रहीं। सिर्फ अधिकारियों को सैल्युट करने के लिए इतनी राशि खर्च करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। पैसा को पानी की तरह बहाया जा रहा है। कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि विवि में कई वर्ष से इंटर कालेज खेल प्रतियोगिता नहीं हो रही। साथ ही यहां की टीम दूसरे विवि में खेलने नहीं जा रही। इसका कारण है कि पांच जिले में इकलौता विश्वविद्यालय होने के बाद भी इसके खेल का बजट मात्र 21 लाख और एक महीने में सुरक्षा पर 24 लाख खर्च...यह अनैतिक है। 

कहा कि विवि के पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के हित के लिए नहीं सोच रहे। यदि उन्हें सुविधाएं मिलती और उनके कार्य आसानी से होते तो प्रतिदिन विवि में इतनी भीड़ नहीं लगती। बता दें कि दैनिक जागरण ने 26 नवंबर के संस्करण में सुविधाएं नदारद , सुरक्षा पर खर्च हो रहे 24 लाख शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि विवि में 16 गनमैन नियुक्त हैं। छात्र नेताओं ने भी इसका विरोध किया था। साथ ही कम गार्ड की उपस्थिति होने और अधिक का भुगतान करने का आरोप लगाया था। इसपर डा.नरेंद्र ने कुलपति से कहा कि 118 गार्ड के भुगतान का पूरा विवरण और उनकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही इतनी संख्या में गार्ड को रखने के फैसले पर पुनर्विचार कर उस राशि को छात्र हित में लगाने की मांग की।  

Edited By: Ajit Kumar