बिहार में BPSC TRE-4 के लिए डिग्री चाहिए तो बीआरएबीयू में चल रहा इस तरह का रोचक खेल
BRABU Degree Reprinting : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में छात्रों को BPSC TRE-4 के लिए डिग्री दोबारा छापी जा रही है, ...और पढ़ें

University Degree Certificate: यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar University Examination Department : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में एक ही डिग्री को दो बार छपाई हो रही है। इसके बाद इसे छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है।
विश्वविद्यालय में पिछले वर्षों के कई सत्रों में स्नातक उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं की करीब तीन लाख से अधिक डिग्रियां एक ही साथ छपकर परीक्षा विभाग में आई थी। छात्र-छात्राओं के आवेदन के आधार पर उस लाट से खोजकर डिग्री दिए जाने के बजाए आवेदन के आधार पर दोबारा डिग्री प्रिंट कराते हुए उसे उपलब्ध कराया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में करीब 2400 से अधिक विद्यार्थियों की डिग्री दोबारा छपवाकर मंगाई गई है। पिछले दिनों स्नातक सत्र 2018-21, 2019-22, 2020-23 और 2021-24 के तीन वर्षीय स्नातक सत्र में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की संख्या जोड़ते हुए एक ही बार में विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री की छपाई कराई गई।
अब बीपीएससी टीआरई-फोर के तहत आवेदन करने के लिए छात्र-छात्राएं अपने मूल प्रमाण पत्र के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन कर रहे हैं। इसमें काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी हैं जिनकी डिग्रियां छपकर परीक्षा विभाग में आई हुई हैं।
ऐसे में जब दूसरे सत्र के विद्यार्थी डिग्री के लिए आवेदन करते हैं तो उनकी डिग्रियों को छपने के लिए भेज दिया जाता है। साथ-साथ ऐसे सत्रों के विद्यार्थियों के लिए भी दोबारा डिग्री छापी जा रही है जिनका मूल प्रमाण पत्र पहले ही छप कर परीक्षा विभाग को प्राप्त हो चुका है।
दूसरी ओर प्रतियोगिता परीक्षा से लेकर अन्य कार्यों के लिए विद्यार्थी लगातर मूल प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर रहे हैं। दूसरी ओर एक ही विद्यार्थी के दो बार डिग्री छापे जाने से विश्वविद्यालय की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि एजेंसी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा हो रहा है। कारण कि एक ही डिग्री के लिए एजेंसी को दो बार भुगतान होगा।
परेशानी से बचने के लिए दोबारा प्रिंट कराकर दी जा रही डिग्री
परीक्षा नियंत्रक डा. अरविंद कुमार ने कहा कि करीब तीन लाख विद्यार्थियों की डिग्री छपकर आई हुई है। अलग - अलग लाट से खोजकर उन्हें उपलब्ध कराने में काफी परेशानी और समय लग रहा है।
समय पर डिग्री जारी करने के लिए तात्कालिक जरूरत वाले छात्र-छात्राओं को रिप्रिंट कराकर मूल प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। जारी करने से पहले उसका टीआर समेत अन्य से मिलान कर रिकार्ड तैयार किया जाता है।
दबाव कम होने के बाद उसकी छंटाई होकर कालेजों में भेजा जाएगा। रिकार्ड से मिलान में अगर यह पाया जाएगा कि डिग्री जारी हो चुकी है तो उसे रोक दिया जाएगा।
