विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Kal Ka Mausam 4 October: मानसून की वापसी पूरी, मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार में बदलेगा मौसम

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:34 PM (IST)

North Bihar Rain Alert October: उत्तर बिहार में मानसून की वापसी पूरी हो गई है, जिससे मुजफ्फरपुर समेत क्षेत्र में ...और पढ़ें

अभी चक्रवात या किसी अन्य वजह से बारिश की संभावना नहीं है।

अभी चक्रवात या किसी अन्य वजह से बारिश की संभावना नहीं है।

HighLights

  1. उत्तर बिहार से मानसून की वापसी पूरी हो चुकी है।

  2. 4 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहेगा, 6 को हल्की वर्षा संभव।

  3. किसानों को रबी फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू करने की सलाह।

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Weather Today Forecast: उत्तर बिहार में सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दिन चढ़ते ही खिली धूप के साथ मौसम पूरी तरह साफ हो गया।

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने अगले चार दिनों के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है।

इसके अनुसार 4 अक्टूबर यानी रविवार को मौसम शुष्क रहेगा। अभी चक्रवात या किसी अन्य वजह से बारिश की संभावना नहीं है।

6 अक्टूबर को बारिश

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 6 अक्टूबर को गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की वर्षा हो सकती है।

इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

हवा और आर्द्रता की स्थिति

अगले चार दिनों में सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 45 प्रतिशत के आसपास रहेगी। हवा मुख्य रूप से पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी दिशा से 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने का अनुमान है।

औसत तापमान

विगत तीन दिनों के आंकड़ों के अनुसार पूसा में औसत अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान सुबह के समय औसत सापेक्ष आर्द्रता 92 प्रतिशत और दोपहर में 68 प्रतिशत पाई गई।

किसानों को सलाह

वरीय मौसम विज्ञानी डॉ. ए. सतार ने किसानों को रबी फसलों की समय पर बुआई हेतु खेत की तैयारी तुरंत शुरू करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान गुणवत्तापूर्ण बीज और अन्य जरूरी कृषि सामग्री की व्यवस्था समय से पहले ही सुनिश्चित कर लें।

रबी फसलों की तैयारी

डॉ. सतार ने राई, मसूर, मटर, लहसुन, धनिया, सरसों, सूरजमुखी, राजमा और मेथी की बुआई के साथ-साथ आलू की रोपाई के लिए खेत तैयार करने को कहा है। उन्होंने मिट्टी में पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए प्रति हेक्टेयर 150 से 200 क्विंटल सड़ी गोबर खाद डालने का सुझाव दिया है।