विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार के विश्वविद्यालयों में होगी गैर शैक्षणिक कर्मियों की भर्ती, लोकभवन ने शुरू की प्रक्रिया

Published: Fri, 11 Sep 2026 09:15 PM (GMT+05:30)

Governor Principal Chief Secretary Statement: बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिसके लिए लोकभवन ...और पढ़ें

लोकभवन बिहार। फाइल फोटो

लोकभवन बिहार। फाइल फोटो

HighLights

  1. शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द होगी शुरू।

  2. कर्मचारियों को छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  3. स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अपग्रेडेशन अगले माह तक।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar University Non Teaching Recruitment: बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षकेत्तर (गैर-शैक्षणिक) कर्मचारियों के रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।

इसके लिए लोकभवन की ओर से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसकी जानकारी राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने दी है।

कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसमें गैर-शैक्षणिक कर्मियों को विश्वविद्यालय अधिनियम के साथ-साथ सरकार के वित्तीय नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि कामकाज में होने वाली गलतियों पर रोक लगाई जा सके।

28 से शुरू होंगे बैच

प्रशिक्षण के दौरान डिसिप्लिनरी प्रोसीडिंग और ऑफिस प्रोसीजर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी जाएगी। नियमित और अनुकंपा दोनों आधार पर नियुक्त कर्मियों को यह ट्रेनिंग मिलेगी।

इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों से कर्मियों की सूची मांगी गई है। आगामी 28 तारीख से पटना में 50-50 के बैच में कर्मचारियों का छह दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होगा।

पाठ्यक्रम अपग्रेडेशन का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव ने आगे बताया कि स्नातक और स्नातकोत्तर (पीजी) के विभिन्न सेमेस्टरों के पाठ्यक्रम निर्माण और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया अगले महीने तक पूरी कर ली जाएगी।

लोकभवन की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पाठ्यक्रम में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सालों भर चलेंगे कार्यक्रम

राज्य के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों (MMTTC) के माध्यम से अब केवल यूजीसी तक सीमित न रहकर महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए सालों भर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाए जाएंगे। इसके लिए पिछले दिनों रूपरेखा तैयार करने को लेकर एक बैठक भी की जा चुकी है।

रिसर्च पर विशेष जोर

शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ICSSR की ओर से छह दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 50 प्रतिभागी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं, जबकि ऑनलाइन माध्यम से सैकड़ों शिक्षक और छात्र जुड़ेंगे। इसके लिए चार हजार से अधिक लोगों ने अपनी इच्छा जताई है।