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Muzaffarpur News: गाली की राजनीति या लोकतंत्र का अपमान? पीएम मोदी पर टिप्पणी से कांग्रेस पर बरसे विजय सिन्हा

Published: Mon, 26 Oct 2026 06:22 PM (IST)

बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने मुजफ्फरपुर में कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम के दौरान बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा व अन्य। जागरण

मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम के दौरान बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा व अन्य। जागरण 

HighLights

  1. विजय सिन्हा ने पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को घेरा।

  2. कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक सम्मान तोड़ने का आरोप।

  3. लोगों से ऐसी मानसिकता वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील।

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। राजनीति में विरोध और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा टूटने पर सवाल लोकतांत्रिक संस्कारों पर भी उठते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

सोमवार को मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र, चेहरा और संस्कार तीनों समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक पदों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

भाषा की मर्यादा पर उठाए सवाल

विजय सिन्हा ने कहा कि जिस राजनीतिक दल की भाषा में शालीनता नहीं हो और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान न हो, वह लोकतंत्र और देश के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

प्रधानमंत्री के परिवार पर टिप्पणी का किया विरोध

कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों के इशारे पर देश के प्रधानमंत्री को गाली देना और उनकी मां तथा पिता के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान कोई विशिष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

चुनाव आयोग और न्यायालय का भी उठाया मुद्दा

विजय सिन्हा ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ अराजकता फैलाने और न्यायालय पर सवाल उठाने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान मर्यादा का पालन भी जरूरी है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

कृषि मंत्री ने लोगों से ऐसी मानसिकता वाले तत्वों से सावधान रहने और उनका बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने वालों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस मौके पर पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, भाजपा पूर्वी अध्यक्ष विवेक कुमार, भाजपा पश्चिमी अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी और निगम पार्षद कप पप्पू सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे।

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