'मैं मरी नहीं हूं... साहब देखिए मेरा प्रमाण', सरकारी रिकॉर्ड में मुजफ्फरपुर की मृत कलसिया की गुहार
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में कलसिया देवी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उनकी पेंशन रोक दी गई है। अब ...और पढ़ें

जिंदा होने का प्रमाण पत्र दिखातीं कलसिया।
संवाद सहयोगी, साहेबगंज (मुजफ्फरपुर)। सरकारी व्यवस्था में लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पेंशन व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साहेबगंज प्रखंड की गुलाबपट्टी पंचायत में जीवित महिला को विभागीय रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद उसकी पेंशन भी बंद हो गई। अब कलसिया देवी को अपनी जिंदगी का सबूत देकर पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
रिकॉर्ड में मृत, हकीकत में जीवित
तेलिया छपरा वार्ड नंबर नौ निवासी कलसिया देवी, पति स्वर्गीय रामदेव राय पिछले चार-पांच माह से पेंशन की राशि से वंचित हैं। उन्हें जब पेंशन नहीं मिली तो जानकारी लेने पर पता चला कि विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखा दिया गया है। जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं।
पेंशन बंद होने से बढ़ी परेशानी
पेंशन बंद होने से परेशान कलसिया देवी सोमवार सुबह ही प्रखंड कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बताई और पेंशन चालू कराने की गुहार लगाई। महिला ने बताया कि पेंशन की राशि नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिंदा होने का सबूत देने की मजबूरी
सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के बाद कलसिया देवी के सामने अब खुद को जीवित साबित करने की चुनौती है। पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने भी संबंधित विभाग से रिकॉर्ड की जांच कर त्रुटि दूर करने की मांग की है।
जल्द सुधरेगा रिकॉर्ड
प्रखंड विकास पदाधिकारी साहेबगंज मीनू कुमारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक सुधार कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलसिया देवी की पेंशन जल्द चालू कर दी जाएगी।
