बिहार में पहली बार AI से होगा खरीफ फसल सर्वे, मुजफ्फरपुर के 9 लाख प्लाट पर लगेगी फर्जीवाड़े पर रोक
AI Crop Survey Bihar: बिहार कृषि विभाग ने खरीफ फसल के सटीक आकलन और धोखाधड़ी रोकने के लिए पहली बार ...और पढ़ें

धान और मड़ुआ जैसी फसलों की सही पहचान कर वास्तविक रकबे का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रतीकात्मक फोटो

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अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Farmer Registration Bihar Agriculture: बिहार के कृषि विभाग ने खरीफ फसल के आच्छादन का सटीक आकलन करने के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक आधारित एप से सर्वे कराने की शुरुआत की है।
इस डिजिटल पहल के तहत मुजफ्फरपुर जिले के 9 लाख 34 हजार प्लाटों का सर्वे एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
एआई तकनीक की मदद से धान और मड़ुआ जैसी फसलों की सही पहचान कर वास्तविक रकबे का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण के अनुसार प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, समन्वयकों और कृषि सलाहकारों को इस नए सिस्टम का पूरा प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
फील्ड में कृषि समन्वयक और कृषि सलाहकार सर्वेयर के रूप में मोबाइल एप से डाटा दर्ज करेंगे जबकि सहायक निदेशक और प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुपरवाइजर की भूमिका निभाएंगे।
तकनीक के इस्तेमाल से सही प्लाट, वास्तविक फसल और संबंधित किसान की प्रामाणिक जानकारी एक साथ दर्ज की जा सकेगी।
पारदर्शी सर्वे की व्यवस्था
सर्वे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एप में विशेष सुरक्षा मानक तय किए गए हैं जिसके तहत 20 प्लाटों के सर्वे के बाद एप दोबारा लॉगइन होगा।
इस नई व्यवस्था से किसी भी व्यक्ति द्वारा मनमाने या फर्जी तरीके से डाटा भरने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। सटीक डिजिटल डाटा मिलने से सरकारी योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।
किसानों का होगा निबंधन
फसल के डिजिटल सर्वे के साथ-साथ कृषि विभाग की टीम मौके पर ही गैर निबंधित किसानों के पंजीकरण का कार्य भी पूरा करेगी। इस संयुक्त प्रक्रिया से खेत, फसल और काश्तकार का पूरा विवरण एक ही डिजिटल डेटाबेस में सुरक्षित हो जाएगा।
विभाग को उम्मीद है कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग से जिले में खरीफ फसलों के वास्तविक उत्पादन और आच्छादन का ठोस आंकड़ा तैयार होगा।
