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Bihar News : पटना में 154, भागलपुर में 73 और मुजफ्फरपुर में छह गर्ल्स हास्टल बिना निबंधन

Published: Mon, 07 Sep 2026 07:07 AM (IST)

पटना हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बिहार में 370 निजी गर्ल्स हॉस्टल बिना निबंधन के चल रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. बिहार में 370 निजी गर्ल्स हॉस्टल बिना निबंधन संचालित हो रहे हैं।

  2. पटना हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर नाराजगी।

  3. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को हॉस्टल बंद करने के निर्देश दिए।

प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। राज्य में अवैध रूप या बिना निबंधन चल रहे निजी गर्ल्स हास्टलों पर कार्रवाई के पटना हाईकोर्ट के आदेश का भी असर नहीं हुआ। अब भी राज्य में चिह्नित 370 निजी गर्ल्स हास्टल बिना निबंधन के संचालित हो रहे हैं।

इस बीच सोमवार (सात सितंबर) को को उक्त मामले में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जानी है। इसे देखते हुए कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय ने नाराजगी जताई है।

अपर पुलिस महानिदेशक, कमजोर वर्ग ने सभी जिले के डीएम, एसएसपी/एसपी को पत्र भेजकर ऐसे हास्टलों को अविलंब बंद कराने का निर्देश दिया है। वहीं बिना निबंधित हास्टलों को संचालन पर कार्रवाई नहीं करने वाले पदाधिकारियों व कर्मचारियों को भी चिह्नित करने का निर्देश डीएम को दिया गया है। बिना निबंधित हास्टलों को संचालन पर कार्रवाई नहीं करने वाले पदाधिकारियों और कर्मचारियों को भी चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।

विदित हो कि माधव राज बनाम बिहार राज्य एवं अन्य मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिना पंजीकृत चल रहे निजी छात्रावासों को चिह्नित कर सराय अधिनियम के तहत बंद करने को कहा गया था। इसके बाद भी राज्य में बिना निबंधित 370 गर्ल्स हास्टल चल रहे हैं।

चिह्नित किए जाने के बाद भी इन हास्टलों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई। वहीं अभी सैकड़ों की संख्या में ऐसे गर्ल्स हास्टल चल रहे हैं, जिन्हें चिह्नित भी नहीं किया जा सका है।

ऐसे हास्टलों को चिह्नित भी किया जाना है जो बिना फायर व विद्युत बोर्ड आदि से एनओसी प्राप्त नहीं किया हो। महिलाओं या छात्राओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, शारीरिक या अन्य हिंसा को रोकने के लिए बिना निबंधित चल रहे ऐसे सभी हास्टलों को चिह्नित कर बंद किया जाए।

पटना में सर्वाधिक बिना निबंधित हास्टल

जारी सूची के अनुसार 494 चिह्नित निजी गर्ल्स हास्टलों में से 124 ही निबंधित हैं। पटना में सर्वाधिक 223 हास्टल चिह्नित हैं। इनमें छह सरकारी व 217 निजी हैं। इनमें से मात्र 63 ही निबंधित हैं।

नियम के अनुसार यहां 154 हास्टलों को बंद किया जाना था। इसके बाद भागलपुर की स्थिति बेहद खराब है। यहां सरकारी नौ व 73 निजी हास्टल संचालित हैं। इनमें एक भी निजी हास्टल का निबंधन नहीं है।

पूर्णिया जिले की स्थिति भी खराब है। यहां सरकारी 16 व निजी 47 हास्टल चिह्नित हैं। इनमें से 17 निजी हास्टल ही निबंधित हैं। 30 बिना निबंधित हास्टल यहां संचालित हो रहे हैं।

गयाजी में 17 सरकारी और 10 निजी हास्टल चिह्नित हैं। इनमें से महज दो ही निबंधित हैं। मुजफ्फरपुर में तीन सरकारी व छह निजी हास्टल ही चिह्नित हैं। इनमें एक भी निजी हास्टल निबंधित नहीं है। हालांकि शहर की जांच की जाए तो निजी गर्ल्स हास्टलों की संख्या दो दर्जन से अधिक होगी। यहां भी सवाल उठ रहा है कि हास्टलों को चिह्नित किए जाने में भी खेल किया गया है।

निजी हास्टल एवं निबंधित की संख्या

जिला निजी हास्टल निबंधित

  • नालंदा 13 दो
  • भोजपुर एक शून्य
  • रोहतास नौ पांच
  • औरंगाबाद चार एक
  • सिवान दो एक
  • गोपालगंज छह तीन
  • पूर्वी चंपारण पांच शून्य
  • पश्चिम चंपारण पांच शून्य
  • वैशाली एक शून्य
  • सीतामढ़ी दो शून्य
  • शिवहर दाे शून्य
  • दरभंगा 12 चार
  • समस्तीपुर एक शून्य
  • सहरसा सात शून्य
  • मधेपुरा दो शून्य
  • सुपौल दो शून्य
  • अररिया 14 सात
  • किशनगंज 17 आठ
  • बांका चार शून्य
  • शेखपुरा सात पांच
  • लखीसराय सात शून्य
  • जमुई तीन दो
  • खगड़िया नौ एक
  • बेगूसराय चार तीन