विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में अवैध बालू खनन घोटाला: अनुमति से 7 गुना ज्यादा खुदाई, करोड़ों की वसूली का आदेश

By Prem Shankar Mishra Edited By: Ajit kumar
Published: Sat, 16 May 2026 03:58 PM (IST)

Bihar Sand Scam: मुजफ्फरपुर की बूढ़ी गंडक नदी में चंदवारा पुल निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन ...और पढ़ें

इस मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। फाइल फोटो

इस मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। फाइल फोटो

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Budhi Gandak Illegal Sand Mining: शासन की ओर से सख्ती व गाइडलाइंस जारी किए जाने के बाद भी नदियों से अवैध खनन का क्रम थमा नहीं है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर की बूढ़ी गंडक नदी से जुड़ा हुआ है।

बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे चंदवारा पुल निर्माण कार्य के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी और बालू खनन का मामला सामने आया है।

आरोप है कि एजेंसी को जहां केवल 25 हजार घन मीटर मिट्टी-बालू खनन की अनुमति थी, वहीं करीब 1.70 लाख घन मीटर तक अवैध कटाई कर ली गई। मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

जनहित याचिका के बाद जांच

इस मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। गठित संयुक्त जांच समिति के समक्ष याचिकाकर्ता विकास कुमार पाठक और देवव्रत कुमार साहनी ने दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि बिना पर्यावरणीय मंजूरी और तय मानकों के बड़े स्तर पर नदी से मिट्टी एवं बालू निकाला गया।

अवैध खनन का आरोप

दस्तावेजों के अनुसार जिला खनन कार्यालय, मुजफ्फरपुर ने एजेंसी को केवल 25 हजार घन मीटर मिट्टी खनन की अनुमति दी थी। इसके बावजूद कंपनी ने कथित तौर पर 1.70 लाख घन मीटर से अधिक मिट्टी और बालू का उत्खनन कर लिया।

याचिकाकर्ताओं ने एजेंसी पर की गई कार्रवाई और लगाए गए जुर्माने से जुड़े दस्तावेज भी समिति के सामने पेश किए हैं।

4 करोड़ से अधिक वसूली का आदेश

जिला खनन कार्यालय ने 20 सितंबर 2025 को नियमों के उल्लंघन के मामले में कंपनी पर 25 गुना रॉयल्टी के रूप में 2 करोड़ 10 लाख 39 हजार 675 रुपये जमा करने का आदेश दिया था।

इसके अलावा 2 करोड़ 1 लाख 98 हजार 88 रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा गया। दोनों को मिलाकर कुल वसूली राशि करीब 4 करोड़ 12 लाख रुपये बताई गई है।

अवैध खनन पर पहले भी लगा जुर्माना

दस्तावेजों में छह दिसंबर 2025 के एक आदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें अवैध खनन के मामले में 16.54 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के आदेशों का भी हवाला दिया गया है।

कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ा

याचिकाकर्ता विकास कुमार पाठक ने कहा कि कंपनी द्वारा नदी किनारे तय गाइडलाइन के विपरीत खनन किया गया।
उनका दावा है कि इससे नदी कटाव तेजी से बढ़ रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी गहरा सकता है। फिलहाल संयुक्त जांच समिति पूरे मामले की जांच में जुटी है।

सभी जांच रिपोर्ट का ही इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रशासन एक ओर इसके आधार पर कार्रवाई करेगा तो दूसरी ओर तटवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों के लिए बचाव के उपाय भी।