यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: दरभंगा जिले से मदन सहनी की हैट्रिक, फिर बने मंत्री
Bihar Politics मदन सहनी को एक बार फिर मंत्री बनने का मिल गया। वे दरभंगा जिले बहादुरपुर से विधायक हैं। ...और पढ़ें

दरभंगा, जासं। (Bihar cabinet extension) बहादुरपुर विधायक मदन सहनी तीसरी बार मंत्री बने हैं। इससे पूरे क्षेत्र सहित उनके गांव बहादुरपुर के खाजासराय में खुशी की लहर दौड़ गई है। बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से वे पहली बार 2010 में विधायक बने । लेकिन, 2015 के चुनाव में गृह विधानसभा क्षेत्र की जगह उन्हें पार्टी (जदयू) ने गौड़ाबौराम विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया। ससुराल के क्षेत्र से जीतने के साथ उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री बनाया गया। हालांकि, 2020 के चुनाव में उनकी गृह विधानसभा क्षेत्र में वापसी हो गई।
राजद के उम्मीदवार आरके चौधरी को उन्होंने पराजित कर न सिर्फ विधायक बले बलकि, पार्टी उन्हें समाज कल्याण मंत्री भी बनाया। खराजपुर गांव निवासी सामान्य किसान बिंदेश्वर सहनी के पुत्र मदन का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। प्रारंभिक से लेकर स्नातक तक की शिक्षा दरभंगा से पूरी की। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन कुंवर सिंह कॉलेज दरभंगा से 1992 में स्नातक किया । इसके बाद से लगातार राजनीतिक में सक्रिय हैं। मदन सहनी पहले राजद के सक्रिय कार्यकर्ता थे । जमीन से राजनीत की। सबसे पहले पंचायत चुनाव में अपना भाग्य अजमाने का काम किया । इसमें अपने क्षेत्र से जिला परिसद सदस्य निर्वाचित हुए। यहां से उनका राजनीतिक करियर बड़े लेवल पर शुरू हुआ । दरभंगा जिला परिषद के अध्यक्ष के तौर पर 18 जुलाई 2008 को आरंभ हुआ। 28 सितंबर 2010 तक ये जिला परिषद के अध्यक्ष रहे। इसी दौरान उन्होंने जदयू में शामिल हो गए और फिर 2010 के विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।
हलफनामा
55 वर्षीय मदन सहनी स्नातक डिग्रीधारी हैं। उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला नहीं है। विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान दिए गए शपथपत्र के अनुसार इनके पास कुल देनदारियां 300,000 रुपये, 11,000,000 रुपये की चल संपत्ति, 9,320,000 रुपये की अचल संपत्ति है। वे कुल 20,000,000 रुपये संपत्ति के मालिक हैं।
ललित यादव दूसरी बार बने मंत्री
दरभंगा : दरभंगा ग्रामीण के विधायक ललित यादव दूसरी बार मंत्री बने हैं। इससे पूर्व वे 2000 में सहकारिता विभाग के मंत्री बने थे। लेकिन, एक ट्रक चालक सहित दो लोगों को बंधक बनाने, नाखून उखाड़े जाने के मामले को लेकर बवाल मचा और उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा। हालांकि, 2001 में ही वे दोषमुक्त हो गए। इसके वे पहली बार मंत्री बने हैं। 1995 से लेकर अब तक वे विधायक हैं। 1995 में उन्होंने मनीगाछी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के मदन मोहन झा को पराजित किया। इसके बाद 2000 में फिर से विधायक बने।
लेकिन, 2005 में उन्हें जदयू के प्रभाकर चौधरी से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन, सरकार नहीं बनने और विधायकों के शपथ ग्रहण नहीं होने से फिर से चुनाव हुआ । इसमें ललित यादव अपने क्षेत्र पर फिर से कब्जा जमाने में कामयाब हो गए। 2010 में मनीगाछी विधानसभा क्षेत्र खत्म हो गया। इसके जगह नए परिसीमन में दरभंगा ग्रामीण बना। जहां से ललित कुमार यादव 2010, 2015 और 2020 से विधायक हैं।
हलफनामा
दरभंगा के तारडीह निवासी 56 वर्षीय ललित कुमार यादव एमए डिग्रीधारी हैं। उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला नहीं है। विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान दिए गए शपथपत्र के अनुसार इनके पास कुल देनदारियां 24,000,000 रुपये, 6,200,000 रुपये चल संपत्ति, 169,000,000 रुपये अचल संपत्ति, कुल संपत्ति 175,000,000 रुपये हैं।
