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'सरकार रहे या जाए', फरक्का जल संधि के नवीकरण को लेकर आरपार के मूड में जदयू

Published: Fri, 11 Sep 2026 08:08 PM (IST)

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने फरक्का जल संधि के नवीकरण का पुरजोर विरोध किया है, इसे बिहार के हित में ...और पढ़ें

जिला जदयू की ओर से शुक्रवार को पार्टी प्रधान कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फोटो: जागरण

जिला जदयू की ओर से शुक्रवार को पार्टी प्रधान कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फोटो: जागरण

अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Farakka Water Treaty Jdu Stand: फरक्का जल संधि के नवीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

जदयू विधायकों और जिलाध्यक्ष ने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। यदि इस संधि का नवीकरण किया गया, तो पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।

कर्पूरी सभागार में संवाद

जिला जदयू की ओर से शुक्रवार को पार्टी प्रधान कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इसमें जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार, पूर्व मंत्री व विधायक ई. अजीत कुमार तथा विधायक आदित्य कुमार ने संयुक्त रूप से पार्टी का रुख रखा। उन्होंने कहा कि सरकार रहे या जाए, लेकिन यह संधि रद होनी चाहिए।

12 जिलों में अभियान

जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे 12 जिलों में यह संवाद आयोजित हो रहा है।

इस अभियान की शुरुआत पांच सितंबर को बक्सर से हुई थी, जिसका समापन कटिहार में होगा।

संसद में गूंजा मुद्दा

विधायक ई. अजीत कुमार ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान संजय कुमार झा ने राज्यसभा में इस विषय को मुखरता से उठाया था।

उन्होंने कहा था कि यदि नई संधि होती है, तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। वर्तमान संधि से बिहार में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है।

बिहार के हितों की बलि

विधायक आदित्य कुमार ने आरोप लगाया कि 1996 में जब यह संधि हुई, तब केंद्र में कांग्रेस और बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी। उस समय बिहार के हितों की बलि चढ़ा दी गई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लगातार आवाज उठाते रहे हैं कि फरक्का बराज से राज्य को भारी नुकसान हो रहा है।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष प्रो. अरुण पटेल, मदरसा बोर्ड के सदस्य प्रो. शब्बीर अहमद, हरिओम कुशवाहा, कुंदन शांडिल्य, अमरनाथ चंद्रवंशी, अशोक झा, अंबरीष कुमार सिन्हा, राजीव रंजन, दिलीप राज सहनी, चंदन ठाकुर आदि मौजूद रहे।