यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार के बेगूसराय शूटआउट पर सीएम नीतीश कुमार के करीबी नेता ने रखा पार्टी का पक्ष
Bihar Politics बिहार के बेगूसराय में 12 लोगों को गोली मारने की घटना को लेकर अब राजनीति तेज हो गई ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। Bihar Politics: बिहार के बेगूसराय में 12 लोगों को गोली मारी गई। इस घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। घटना के तरीके और पुलिस की कार्यशैली के बारे में बहुत सी बातें हो रही हैं। अब इसको लेकर राजनीति आरंभ हो गई है। घटना के बाद से ही विपक्षी भारतीय जनता पार्टी इसे जंगलराज रिर्टन्स करार दे रही है। अब सत्ताधारी जदयू का पक्ष भी सामने आ गया है।
सीएम नीतीश कुमार के करीबी और जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा द्वारा वर्तमान सरकार को जंगलराज-तीन बताने पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता से बेदखल होने पर बीजेपी नेता बौखलाए हुए हैं। अनाप-शनाप बोल रहे हैं। बेगूसराय वाली घटना को लेकर कहा कि प्रथमदृष्टया यह कोई आपराधिक घटना प्रतीत नहीं हो रही है। यह स्पष्ट है कि किसी मानसिक विकार से ग्रसित लोगों का काम है या फिर सरकार को बदनाम करने की विपक्ष की साजिश भी हो सकती है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
भाजपा नेताओं को सीएम नीतीश कुमार से डर
माड़ीपुर स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भाजपाइयों को डर सता रहा है कि नीतीश कुमार उनकी दिल्ली वाली सत्ता को उखाड़ देंगे। मुख्यमंत्री ने बिहार में विकास की गंगा बहा दी है। इसी तरह देश में भी विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें देश की सेवा करनी चाहिए। उनके इस अभियान में वह एक सिपाही के रूप में काम करेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे। पूरे राज्य में पांच लाख लोगों को सदस्य बनाकर पार्टी को मजबूत करना है।
आगे उन्होंने कहा कि राज्य में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, जिनमें एक विधानसभा मुजफ्फरपुर क्षेत्र में भी आता है। इस सीट पर महागठबंधन मजबूती से लड़ेगा और जीत हासिल कर सरकार को मजबूती देगा। मौके पर जिला अध्यक्ष मनोज कुमार किसान, मुख्य प्रवक्ता मोहम्मद जमाल, पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव, अखिलेश सिंह, सबिता शाही उर्फ पिंकी शाही, इरशाद हुसैन गुड्डू, दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार राम, अनवारुल हक, बेचन महतो, साधु शरण कुशवाहा, अरुण कुशवाहा, अशोक भगत, मनोज कुशवाहा, रमेश कुमार विप्लवी सहित अन्य मौजूद थे।
