बिहार में पुलिस ने बनाए विशेष अंतरजिला नाके, मुजफ्फरपुर समेत 6 जिलों में कवायद तेज
Bihar Police Border Naka: बिहार पुलिस ने अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों के भागने के रास्तों को रोकने के ...और पढ़ें

इलाकों में विशेष पुलिस नाके खोले जा रहे हैं। फाइल फोटो

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संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Siwaipatti Police Outpost: बिहार में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने और अंतरजिला अपराधियों के भागने के रास्तों को ब्लॉक करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी कवायद शुरू की है।
राज्य के मुजफ्फरपुर समेत 7 जिलों के सीमावर्ती इलाकों में विशेष पुलिस नाके खोले जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी इलाके से कर दी गई है।
सिवाईपट्टी हत्याकांड के बाद फैसला
पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में एक हत्या की बड़ी वारदात हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और पाया कि अपराधी वारदातों को अंजाम देकर आसानी से दूसरे जिलों की सीमाओं में प्रवेश कर जाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से सटे सिवाईपट्टी के सीमावर्ती इलाके में तुरंत एक विशेष नाका स्थापित कर दिया गया है।
बांस-बल्ले से शुरुआत, जल्द लगेंगे कैमरे
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मोतिहारी सीमा से सटे सिवाईपट्टी इलाके में विशेष नाका चालू कर दिया गया है।
फिलहाल शुरुआती तौर पर वहां बांस-बल्ला लगाकर बैरिकेडिंग की गई है और 4 मुस्तैद पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
एसएसपी ने बताया कि आने वाले दिनों में इस नाके को पूरी तरह व्यवस्थित और हाईटेक किया जाएगा, जिसके तहत यहाँ तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरे भी इंस्टॉल किए जाएंगे।
6 जिलों की सीमाएं होंगी सील
सिवाईपट्टी में शुरुआत के बाद अब इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन के मुताबिक, जल्द ही अन्य पड़ोसी जिलों से जुड़ने वाले एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर भी ऐसे ही अंतरजिला नाके बनाए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- समस्तीपुर सीमा
- छपरा (सारण) सीमा
- दरभंगा सीमा
- सीतामढ़ी सीमा
- शिवहर सीमा
- वैशाली सीमा
अपराधियों के भागने पर लगेगी रोक
सीमावर्ती इलाकों में इन विशेष पुलिस नाकों के खुल जाने से पुलिस को लॉ एंड ऑर्डर संभालने में बड़ी मदद मिलेगी। किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आपराधिक वारदात होने पर पुलिस तुरंत वायरलेस संदेश के जरिए इन बॉर्डर्स को पूरी तरह ब्लॉक (नाकेबंदी) कर सकेगी।
सघन जांच अभियान चलने से अपराधी वारदात करके दूसरे जिले की सीमा में भागने में कामयाब नहीं हो पाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आने की उम्मीद है।
