बिहार के भूमाफिया और उनके सफेदपोश संरक्षकों पर पुलिस कसेगी शिकंजा, एडीजी ने दिए सख्त निर्देश
Land Mafia Bihar: बिहार पुलिस ने संगठित अपराध, भूमाफिया और उनके सफेदपोश संरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की ...और पढ़ें

पुलिस अधिकारियो के साथ बैठक करने एसएसपी कार्यालय पहुंचे बीसैप के एडीजी नैयर हसनैन खान। जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Police Action: संगठित अपराध, भूमाफिया और उनके सफेदपोश संरक्षकों के खिलाफ बिहार पुलिस सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष रणनीति तैयार की गई है। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) के एडीजी नैयर हसनैन खान ने स्पष्ट किया कि किसी भी माफिया या उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा।
जीरो टालरेंस की नीति
एडीजी ने मुजफ्फरपुर में पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अपराध पर जीरो टालरेंस की नीति लागू करना है। इसके साथ ही साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
त्योहारों के लिए कार्ययोजना
जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए तीन महीने की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
बैठक में प्रभारी डीआइजी, एसएसपी और एसपी समेत सभी शहरी थानों के प्रभारी मौजूद रहे। एडीजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर पुलिस विशेष और गंभीर रुख अपनाएगी। इसके लिए स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले पिकनिक स्थलों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इन संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए सेल
एडीजी ने मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पब्लिक फ्रेंडली अभियानों की सराहना की। बुजुर्गों की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए थाना स्तर पर सीनियर सिटीजन सेल का गठन करने के कदम को उन्होंने बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने जनता के साथ पुलिस का संवाद और अधिक बढ़ाने पर जोर दिया।
टारगेट ओरिएंटेड पुलिसिंग
अनुसंधान, डोजियर प्रबंधन और केसों के ट्रायल में तेजी लाने के लिए टारगेट ओरिएंटेड पुलिसिंग लागू की जाएगी। इसके तहत थाना स्तर से लेकर जिला स्तर तक मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए मासिक लक्ष्य तय किए जाएंगे।
बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
