BRABU में पीएचडी की एक तिहाई से अधिक सीटें नहीं भरी जाएंगी, शोध की गुणवत्ता के लिए राजभवन का निर्देश
BRABU PhD Admission 2026: राजभवन ने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों, जिसमें बीआरए बिहार विश्वविद्यालय भी शामिल है, में पीएचडी शोध ...और पढ़ें

सत्र 2026 तक की कुल रिक्त सीटों का दो तिहाई से अधिक नामांकन नहीं लिया जाएगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar University PhD Regulations: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय समेत बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है।
अब किसी भी पीएचडी प्रवेश सत्र में कुल रिक्त सीटों के एक तिहाई से अधिक सीटें नहीं भरी जाएंगी। इसके अलावा सत्र 2026 तक की कुल रिक्त सीटों का दो तिहाई से अधिक नामांकन नहीं लिया जाएगा।
राजभवन का निर्देश
यह सख्त निर्देश लोकभवन (राजभवन) की ओर से जारी किया गया है। इसका उद्देश्य शोध की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, पर्याप्त पर्यवेक्षण देना और शोध निर्देशकों की उपलब्धता बनाए रखना है। चार कुलपतियों की समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्यपाल ने इस नई व्यवस्था को मंजूरी प्रदान की है।
नेट परीक्षा अनिवार्य
विशेष वर्ष में नेट उत्तीर्ण छात्र ही उस वर्ष के प्रवेश चक्र के लिए पात्र माने जाएंगे। नेट योग्यता का लाभ विनियमों में निर्धारित पात्रता वर्ष के अनुसार ही मिलेगा। उदाहरण स्वरूप सत्र 2024 के प्रवेश के लिए उसी वर्ष नेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
प्रवेश प्रक्रिया नियमित
विश्वविद्यालयों को पीएचडी अध्यादेश और पीएचडी विनियम 2026 के प्रावधानों के तहत ही छात्रों का पंजीकरण करना होगा। जिन विश्वविद्यालयों में पैट (PAT) आयोजित हो चुका है, वे भी नए नियमों का सख्ती से पालन करेंगे। इसके तहत चार जुलाई 2026 के बाद हुए नामांकनों पर भी यह व्यवस्था लागू होगी।
विज्ञापन जारी निर्देश
राजभवन ने लंबित प्रवेश प्रक्रियाओं को खत्म करने के लिए 2024, 2025 और 2026 चक्रों के विज्ञापन शीघ्र जारी करने का आदेश दिया है। पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के दौरान नेट योग्यता और अंकों के भार का ध्यान रखा जाएगा। सभी कुलपतियों को प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
